Arrah: सोन नदी में नूरपुर गांव के चार बच्चों की डूबने से मौत, प्रशासन ने चार लाख प्रति परिवार को दिया मुआवजा
आरा में सोन नदी में डूबने से नूरपुर गांव के चार बच्चों की मौत हो गई। यह घटना अजीमाबाद थाना क्षेत्र के अहिमनचक सोन बालू घाट की बताई जा रही है। प्रशासन की ओर से चार-चार लाख रुपये प्रति पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया गया।
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बिहार के आरा शहर में सोन नदी के गहरे पानी में डूबने से एक ही गांव के चार बच्चों की मौत हो गई। इस घटना की सूचना मिलने पर पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना अजीमाबाद थाना क्षेत्र के अहिमनचक सोन बालू घाट की बताई जा रही है। पानी में डूबे चारों बच्चे अजीमाबाद थाना क्षेत्र के नूरपुर गांव निवासी हैं। इनमें से दो चचेरे भाई हैं और दो पड़ोस के रहने वाले हैं। इस घटना को लेकर मृतक बच्चों के परिजन उचित मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा कर रहे थे। इसके बाद प्रशासन की ओर से चार-चार लाख रुपये प्रति पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया गया।
ग्रामीणों ने बालू खनन माफियाओं को बताया जिम्मेदार
मृतकों के परिजन इस घटना का जिम्मेदार सोन नदी में अवैध खनन करने वाले बालू माफियाओं को बता रहे हैं। परिजनों का कहना है कि सोन नदी में अवैध बालू खनन करने वाले माफियाओं ने बड़े-बड़े गड्ढे खोद कर पुल बना दिया है। जहां आज बच्चों के खेलने के दौरान पैर फिसला और वे लबालब पानी भरे उन गड्ढों में गिर गए। इस वजह से उनकी डूबने से मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय जिला प्रशासन की टीम मौके पर दल बल के साथ पहुंची। उसने पानी में डूबे सभी बच्चों के शवों को स्थानीय गोताखोरों की मदद से बाहर निकाला। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए आरा सदर अस्पताल ले गई। मृत बच्चों में नूरपुर गांव निवासी अमित कुमार (12), रोहित कुमार (8), शुभम कुमार (10) और रोहित कुमार (9) हैं। मृतक शुभम और रोहित (8) कुमार दोनों चचेरे भाई हैं, जबकि दो अन्य मृतक उनके पड़ोस के रहने वाले थे।
सोन किनारे बेर खाने गए थे गांव के छह बच्चे
बताया जा रहा है कि अजीमाबाद थाना क्षेत्र के नूरपुर गांव के छह बच्चे बुधवार सुबह करीब 10 बजे सोन किनारे बेर खाने के लिए गए हुए थे। इस दौरान चार बच्चे नहाने चले गए, जबकि दो दोस्त टिंकू कुमार और सागर कुमार नदी के किनारे ही बैठ गए। तभी चारों बच्चे सोन घाट में बालू निकालने के लिए खोदे गए बड़े गड्ढे के गहरे पानी में डूब गए। जब काफी देर हो गई और चारों बाहर नहीं निकले, तब उनके दोनों दोस्त वहां पहुंचे तो उनका कोई अता पता नहीं चला। उसके बाद दोनों चिल्लाने लगे और जब मौके पर लोग पहुंचे तब तक काफी देर हो गई थी। गहरे पानी में डूबने से चारों बच्चों की मौत हो गई थी।
वहीं, घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों का हुजूम मौके पर पहुंच गया और गोताखोरों की मदद से पानी में डूबे हुए चारों बच्चों के शव को बाहर निकाला गया। बहरहाल इसके बाद से पूरे इलाके में सनसनी मची हुई है। मृत बच्चों के परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल है। वहीं, इस घटना को लेकर नाराज ग्रामीण मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम कर प्रदर्शन करने लगे। मृतकों के परिजन उचित मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा कर रहे थे। उसके बाद प्रशासन ने चार-चार लाख रुपये प्रति परिवार मुआवजा प्रदान किया।