Chitragupta Puja 2024 : आज है या कल चित्रगुप्त पूजा? सिर्फ कायस्थों को करनी चाहिए या सभी कर सकते हैं यह पूजा
Chitragupta Puja Date : कलम-दावात से लेखनी प्रदान करने वाले भगवान चित्रगुप्त की पूजा दीपावली के एक दिन के अंतराल के बाद होती है, लेकिन इस बार उदय तिथि से यह तीन नवंबर को हो रही है। किसे करनी चाहिए पूजा और किस आधार पर, जानिए इस स्टोरी में।
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चित्रगुप्त पूजा 3 नवंबर को मनाया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में अब तक यही माना जाता रहा है कि दीपावली के एक दिन के बाद चित्रगुप्त पूजा मनाया जाता है, लेकिन इस बार उदय तिथि में कार्तिक शुक्लपक्ष यम द्वितीया 3 नवंबर को है इसलिए रविवार को चित्रगुप्त पूजा के साथ-साथ गोधन पूजा भी मनाई जाएगी। इसको लेकर तैयारी शुरू हो गई है। पटना में कई जगहों पर, खासकर पटना सिटी के नौजरघाट स्थित आदि चित्रगुप्त मंदिर, गर्दनीबाग स्थित ठाकुरबाड़ी आदि में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। चित्रगुप्त पूजा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा कई मंत्री, विधायक, सांसद, आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर, सरकारी अधिकारी, प्रोफेसर और पत्रकार सहित लगभग 10 हजार लोग शामिल होते हैं।
जानिये कब है चित्रगुप्त पूजा
पटना सिटी के नौजर घाट स्थित आदि चित्रगुप्त मंदिर के अध्यक्ष और राज्यसभा के पूर्व सांसद आरके सिन्हा के अनुसार हर वर्ष की भांति पूरे पटना महानगर में जहां स्थाई रूप से चित्रगुप्त भगवान की मूर्ति है, इसके अलावा 50 से कुछ अधिक मूर्तियों को स्थापित किया गया है। उन सभी मूर्तियों का विधिवत 3 नवंबर को पूजन होगा, 4 नवंबर को यहां सामूहिक आरती होगी, फिर सामूहिक विसर्जन होगा। आरती में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आमंत्रित किया गया है।
जानिए कौन कर सकते हैं चित्रगुप्त पूजा
आदि चित्रगुप्त मंदिर के अध्यक्ष आर के सिन्हा ने कहा कि चित्रगुप्त भगवान ब्रह्मा के पुत्र हैं, कायस्थ के पूर्वज हैं, लेकिन वह सभी कलम जीवों के देवता हैं। चाहे वह किसी भी जाति के हों, किसी भी बिरादरी के हों, किसी भी धर्म और संप्रदाय के हों या फिर चाहे मुसलमान या इसाई हों- उससे कोई दिक्कत नहीं है। अगर उन्होंने कलम पकड़ा है और विशेष कर जो न्याय के कार्य में हैं, वकालत में है, अकाउंटेंसी में हैं, लिखा-पढ़ी खाता बही में हैं और आज के दिन में जो कंप्यूटर के हाई तकनीक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में हैं- उन सभी के आराध्य हैं चित्रगुप्त महाराज।
कौन हैं चित्रगुप्त भगवान
धर्मग्रंथों के अनुसार जब सृष्टि की रचना हुई तो कुछ ही वर्षों के बाद यमराज ब्रह्मा जी के पास पहुंच गए और उनसे कहा कि प्रभु सृष्टि के सभी लोगों के कर्म का हिसाब रखना मेरे वश की बात नहीं है। यह काम हमसे मत करवाइए। आपने स्वर्ग और नरक का निर्माण कर दिया है, लेकिन किन लोगों को स्वर्ग और किन को नर्क भेजना है, इस बात की गलती मुझसे हो जाती है। इसलिए इसका कोई मार्ग निकालें ताकि पुण्य करने वाले लोगों को स्वर्ग भेजा सके और पाप करने वालों को नर्क भेजा जा सके। ब्रह्मा जी ने कहा कि रुको मुझे सोचने दो, यह कहकर वह ध्यान में चले गए। और इस तरह ब्रह्मा जी 11,000 साल तक ध्यान में रहे। उसके बाद जब उन्होंने आंख खोल तो सामने में चित्रगुप्त महाराज खड़े थे। ब्रह्मा जी ने चित्रगुप्त भगवान् से पूछा कि कौन हो तुम? तब चित्रगुप्त भगवान ने कहा कि आप ही के काया से मेरा जन्म हुआ है। आप ही ने मुझे बुलाया है। मैं आपका पुत्र हूं और आपके आदेश के पालन के लिए मैं यहां खड़ा हूं। तभी ब्रम्हा जी ने कहा कि जब मेरे ही काया से तुम्हारा जन्म हुआ है, तब तुम आज से कायस्थ तुम्हारी संज्ञा है और पृथ्वी पर तुम चित्रगुप्त के नाम से विख्यात होगे गौड़, माथुर, भटनागर, सेनक, अस्ठाना, श्रीवास्तव, अम्बष्ठ और कर्ण आदि उनके पुत्र हुए।
पटना के गर्दनीबाग में जुटते हैं दिग्गज कायस्थ
पटना के गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में तमाम कायस्थ दिग्गजों का जुटान होता है। इस बार भी डीजीपी आलोक राज समेत कायस्थ आईएएस अधिकारियों का यहां महाजुटान होगा। मुख्यमंत्री लगभग हर साल यहां आकर भगवान चित्रगुप्त की पूजा करते हें। गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी के अध्यक्ष, पूर्व विधान पार्षद व भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रो. रणबीर नंदन ने कहा है कि श्रीश्री 108 भगवान श्री चित्रगुप्त जी महाराज की पूजा 03 नवंबर को होनी है। इस बार इस अवसर पर गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी पूजा समिति द्वारा गरीब प्रतिभावान बच्चों को स्कॉलशिप दिया जाएगा। प्रो. नंदन ने बताया कि भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, लोकनायक जयप्रकाश नारायण, पूर्व मुख्यमंत्री केबी सहाय और महामाया प्रसाद जैसी शख्सियत भी गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में चित्रगुप्त पूजा के लिए आते थे। प्रो. नंदन ने बताया कि इस बार तीन नवंबर को सुबह 9 बजे से पूजन एवं हवन होगा। इसके बाद प्रसाद वितरण दोपहर 12.30 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा। सामाजिक समरसता प्रीतिभोज दोपहर 1.30 बजे से शुरू होगा। गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी के उपाध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार, डॉ. प्रवीण कुमार सिन्हा, डॉ. डीएन सिन्हा और डॉ. एसबी लाल हैं।