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Bodhgaya serial blasts case: NIA special court sentenced all the accused to life imprisonment
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बोधगया सीरियल ब्लास्ट केस: बाल के डीएनए टेस्ट से आईएम के आतंकियों तक ऐसे पहुंची एनआईए
Fri, 01 Jun 2018 01:05 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Updated Fri, 01 Jun 2018 01:05 PM IST
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बोधगया सीरियल ब्लास्ट की जांच करते सुरक्षा अधिकारी (फाइल फोटो)
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने 7 जुलाई 2013 को बोधगया में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में शुक्रवार को इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के पांच आतंकियों को उम्र कैद की सजा सुना दी। इतना ही नहीं अदालत ने हर एक पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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बता दें कि एनआईए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार सिन्हा ने इस मामले में बीती 25 मई को पांचों आरोपियों- इम्तियाज अंसारी, हैदर अली, मुजिबुल्लाह, उमर सिद्दीकी और अजहरुद्दीन कुरैशी को भारतीय दंड संहिता, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) एक्ट और विस्फोटक पदार्थ कानून की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार दिया था।
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जस्टिस सिन्हा ने दोषी हैदर अली पर उक्त 50 हजार रुपये के अलावा 10 हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया। अपने फैसले में उन्होंने कहा कि यह प्रमाणित हुआ है कि हैदर अली बम धमाकों के कुछ ही देर पहले बोधि मंदिर में प्रवेश कर गया था।
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गौरतलब है कि अदालत ने इन सभी को सजा सुनाने के लिए 31 मई की तारीख तय की थी। लेकिन बृहस्पतिवार को सजा के बिंदु पर बहस पूरी नहीं हो सकी थी। कोर्ट में एनआईए के वकील ने अपना पक्ष रखते हुए दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की थी।
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चार साल 10 माह बाद शुक्रवार को एनआईए कोर्ट का फैसला आया है। पटना सिविल कोर्ट में 2013 में गठित एनआईए कोर्ट का यह पहला फैसला है।
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