Bihar: सरकारी ठेकेदार सावधान! 15 दिन में सड़कों का निरीक्षण कर रिपोर्ट बनेगी, अशोक चौधरी बोले- हजार पुल बनेंगे
बिहार सरकार आगामी 15 दिनों तक अभियान चलाकर सभी सड़कों का निरीक्षण करवाएगी। जो भी सड़क अनुरक्षित पाए जाएंगे, उससे संबंधित ठेकेदार और इंजीनियरों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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सरकारी ठेकेदार अब सावधान हो जाएं। बिहार सरकार अपने द्वारा बनायी गई सड़कों का अब निरीक्षण करेगी। इतना ही नहीं 15 दिनों के अंदर इस निरीक्षण का रिपोर्ट भी तैयार कर लिया जाएगा। बिहार सरकार के मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा खुद इसे देखेंगे। वहीं ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि नौ साल बाद फिर से मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना की शुरुआत हो रही है। इसके तहत एक हजार पुल बनाए जाएंगे। इसके अन्तर्गत 100 मीटर तक के लम्बाई के पुल का निर्माण ग्रामीण कार्य विभाग एवं 100 मीटर से अधिक लम्बाई वाले पुल का निर्माण बिहार राज्य पुल निर्माण निगम द्वारा कराया जायेगा।
ठेकेदार सड़कों का मेंटनेंस ठीक से रहे हैं? जांच करें
मंत्री ने कहा कि राज्य में कुल निर्मित लगभग 1,17,000 किमी सड़क में से वर्तमान में लगभग 31,000 कि०मी० पथ पंचवर्षीय अनुरक्षण अवधि से बाहर है एवं सतत रुप से पूर्व से निर्मित सड़क पंचवर्षीय अनुरक्षण अवधि से बाहर हो रही हैं। मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क उन्नयन योजना सीमित (लगभग 10,000 किमी मात्र) रूप से लागू था जिस कारण इसमें संशोधन की आवश्यकता महसूस की गयी। ठेकेदार सड़कों का मेंटनेंस ठीक से रहे हैं या नहीं इसकी भी लगातार जांच करवाई जाएगी। मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि वर्ष 2025 तक लगभग 23000 किमी पथों का उन्नयन और नवीनीकरण किये जाने का लक्ष्य है।
15 दिन तक अभियान चलाकर करवाएं निरीक्षण
इधर, सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी बसावटों तक सड़क-सम्पर्कता सुनिश्चित कराने तथा ग्रामीण सड़कों के बेहतर रख-रखाव के सीएम नीतीश कुमार के निर्देश पर बुधवार दोपहर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा की अध्यक्षता में ग्रामीण कार्य विभाग की एक उच्च स्तरीय बैठक सम्पन्न हुयी जिसमें ग्रामीण कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव सहित इस विभाग के सभी वरीय पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में मुख्य सचिव द्वारा पंचवर्षीय अनुरक्षण अवधि अधीन लगभग 65 हजार किमी ग्रामीण पथों का अनुरक्षण सुनिश्चित कराने के निदेश दिये गये। विभाग को निदेशित किया गया कि आगामी 15 दिनों में अभियान चलाकर सभी पथों का निरीक्षण करवाएं। जो भी सड़क अनुरक्षित पाए जाएंगे, उससे संबंधित ठेकेदार और इंजीनियरों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजनान्तर्गत अत्याव यक पुलों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर चयन कर चरणबद्ध तरीके से स्वीकृत करा कर शीघ्र निर्माण कार्य प्रारंभ कराने की कार्रवाई की जाये।