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Pitra Paksh 2024 : जहां श्रीराम ने दिया था पिता को प्रथम पिंड, पुनपुन के उस घाट तक जाने को रेलवे ने दी सुविधा
Fri, 06 Sep 2024 02:10 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण
Updated Fri, 06 Sep 2024 02:10 PM IST
सार
Bihar : पितृपक्ष मेला को ध्यान में रखते हुए पूर्व मध्य रेल ने अनुग्रह नारायण स्नान घाट हॉल्ट स्टेशन पर 09 जोड़ी एक्सप्रेस और 05 जोड़ी सवारी गाड़ियों का अस्थायी ठहराव सुनिश्चित किया है। इन ट्रेनो का ठहराव 17 सितंबर से शुरू होकर 02 अक्टूबर तक जारी रहेगा।
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पितृ पक्ष 2024
- फोटो : freepik
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विस्तार
इस साल 2024 में 17 सितंबर से शुरू होकर 2 अक्टूबर तक चलने वाले मोक्षदायिनी पितृपक्ष में पित्तरो को पिंडदान करने गया श्राद्ध-तर्पण का प्रवेश द्वार कही जाने वाली पिंडदान की प्रथम वेदी पुनपुन नदी के धार्मिक-आध्यात्मिक और पौराणिक दृष्टिकोण से अति महत्वपूर्ण जम्होर घाट तक आने-जाने में सुविधा के लिहाज से पूर्व मध्य रेल ने बिहार के औरंगाबाद जिले के अनुग्रह नारायण रोड घाट स्टेशन पर 9 जोड़ी एक्सप्रेस और 5 जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों के अस्थायी ठहराव की व्यवस्था की है। इस बात की जानकारी
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पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने दी।
पुनपुन घाट हाल्ट पर 09 जोड़ी एक्सप्रेस और 05 जोड़ी सवारी गाड़ियों का अस्थायी ठहराव,
पितृपक्ष मेला के अवसर पर अनुग्रह नारायण स्नान घाट हॉल्ट स्टेशन पर 09 जोड़ी एक्सप्रेस और 05 जोड़ी सवारी गाड़ियों का अस्थायी ठहराव सुनिश्चित किया गया है। इन ट्रेनो का ठहराव 17 सितम्बर से शुरू होकर 02 अक्टूबर तक जारी रहेगा। इन 9 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों का होगा ठहराव-पुनपुन घाट हाल्ट पर 09 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों का दो-दो मिनट का अस्थायी ठहराव प्रदान किया गया है। इनमें पटना-भभुआ रोड-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस (13243/13244), पटना-बरकाकाना-पटना पलामू एक्सप्रेस (13347/13348), सिंगरौली-पटना-सिंगरौली एक्सप्रेस (13349/13350), इस्लामपुर-हटिया-इस्लामपुर एक्सप्रेस (18623/18624), पूर्णिया कोर्ट-हटिया-पूर्णिया कोर्ट एक्सप्रेस (18625/18626), पटना-रांची-पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस (12365/12366), पटना-धनबाद-पटना गंगा दामोदर एक्सप्रेस (13329/13330), राजगीर-वाराणसी-राजगीर बुद्धपूर्णिमा एक्सप्रेस (14223/14224) और पाटलिपुत्र-गया-पाटलिपुत्र पैसेंजर स्पेशल ट्रेन (05553/05554) शामिल हैं।
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इन 5 जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों का भी होगा ठहराव
इसके साथ ही 17 सितंबर से 02 अक्टूबर तक अनुग्रह नारायण रोड और चिरैला पौथू के बीच स्थित अनुग्रह नारायण स्नान घाट स्टेशन पर 05 जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों का भी दो-दो मिनट का अस्थायी ठहराव प्रदान किया गया है। इनमें गया-डीडीयू-गया मेमू पैसेंजर स्पेशल (03383/03384), गया-डेहरी ऑन सोन-गया मेमू पैसेंजर स्पेशल (03691/03692), गया-डेहरी ऑन सोन-गया मेमू पैसेंजर स्पेशल (03381/03382), धनबाद-सासाराम-धनबाद इंटरसिटी पैसेंजर (13305/13306) और आसनसोल-वाराणसी-आसनसोल मेमू पैसेंजर (13553/13554) शामिल है।
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अंतर्राष्ट्रीय धर्मनगरी गया के पहले सर्वप्रथम पितृपक्षीय पिंडदान की महिमा
औरंगाबाद के जम्होर निवासी पंडित कुंदन पाठक बताते है कि पुराणों में पुनपुन नदी को गया पितृपक्षीय पिंडदान का प्रवेश द्वार कहा गया है। पुराणों के अनुसार गया में पितृपक्षीय पिंडदान के पहले सर्वप्रथम पुनपुन नदी के घाट पर पित्तरों को प्रथम पिंडदान अनिवार्य करार दिया गया है। यह भी कहा गया है कि पुनपुन नदी के घाट पर प्रथम पिंडदान किए बगैर मोक्षनगरी गया में पित्तरों को किया गया पिंडदान व्यर्थ है, इसके लिए चाहे पूरक विधान ही क्यो न अपनाया गया हो।
पुनपुन नदी के जम्होर घाट पर राम ने दिया था पिता को प्रथम पिंड, इसलिए है यह घाट सर्वाधिक महत्वपूर्ण
पंडित कुंदन पाठक बताते है कि पुनपुन नदी को पुराणों में आदि गंगा कहा गया है। यह नदी बिहार के औरंगाबाद में झारखंड की सीमा पर नबीनगर प्रखंड में टंडवा के पास से निकली है। यहां से निकल कर यह पौराणिक नदी औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद होते पटना जिले में जाकर गंगा में विलीन हो जाती है। इसी नदी के औरंगाबाद सदर प्रखंड में जम्होर घाट पर मर्यादा पुरूषोतम श्रीराम ने अपने पिता महाराज दशरथ को गया जाने के पहले प्रथम पिंडदान किया था। इस कारण पिंडदान के लिहाज से जम्होर के पुनपुन घाट पर पितृपक्षीय प्रथम पिंडदान की धार्मिक महत्ता और ज्यादा बढ़ जाती है। यही वजह है कि हर साल पितृपक्ष में देश-विदेश के हजारों पिंडदानी असुविधाओं के बावजूद पुनपुन नदी के जम्होर घाट आकर पित्तरों को प्रथम पिंडदान किया करते है।