Yogi Adityanath : महागठबंधन के नेता मुकेश सहनी को भी भाजपाई सीएम योगी आदित्यनाथ पसंद, नीतीश को कहा- उनसे सीखिए
Mukesh Sahni : क्या मुकेश सहनी को भाजपा से कोई परेशानी नहीं है? भाजपा से उनकी दूरी कम हो रही है या हो सकती है? यह दो सवाल अचानक सामने आए हैं, क्योंकि उन्होंने बिहार के सीएम नीतीश कुमार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उदाहरण दिया है।
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वीआईपी पार्टी के अध्यक्ष और राज्य सरकार में पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने एक बयान दिया है, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ से सीख लेने की बात कही है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार अपराधी पर अंकुश लगाने में फेल है, इसलिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को योगी आदित्यनाथ से सीखना चाहिए कि वह किस तरह से सरकार को चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीतिश कुमार को सिर्फ सत्ता और सीएम की कुर्सी नजर आती है। अब उनके इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं।
सरकार ढीला-ढाला और लुंज-पुंज होने से नहीं चलती
मुकेश सहनी ने कहा कि सरकार ढीला-ढाला और लुंज-पुंज होने से नहीं चलती है। सरकार को अपराधी पर कार्रवाई करने के लिए सख्त होना पड़ता है और इस मामले में नीतीश कुमार फेल साबित हो चुके हैं और अब भी 2025 में सीएम बनने का सपना देख रहे हैं। मुकेश सहनी ने कहा कि बिहार की जनता अपराधियों के खौफ से सहमे हुए हैं। उन्होंने कहा कि पटना के बाद मुजफ्फरपुर जिले में सबसे ज्यादा घटनाएं हो रही हैं, लेकिन सरकार को बस अपनी कुर्सी को बचाए रखनी है। मुख्यमंत्री को सिर्फ अपनी कुर्सी को बचाने की चिंता सताती रहती है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को यूपी के योगी आदित्यनाथ से सीख लेनी चाहिए। योगी आदित्यनाथ राज्य को कैसे चलाते हैं और अपराधी पर कैसे कार्रवाई करते हैं। बढ़ते अपराध पर अंकुश लगाने में नीतीश कुमार पूरी तरह से फेल हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यूपी में भी गठबंधन सरकार है और इस गठबंधन धर्म को नीतीश कुमार को निभाने के लिए योगी सरकार से सीखना चाहिए।
हिम्मत है तो अकेले अपने बूते चुनाव लड़कर सरकार बनाकर देख लें
वीआईपी पार्टी के अध्यक्ष मुकेश सहनी मुजफ्फरपुर जिला के हथौड़ी थाना क्षेत्र में मुखिया के ससुर मोहम्मद आलम से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि घटना के 6 दिन हो गये, लेकिन इस घटना में शामिल कोई भी अपराधी अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। उधर सरकार जीरो टोलरेंस कह अपनी वाहवाही लूटने में लगी हुई है। सीएम नीतीश कुमार जी अपराध पर अंकुश लगाने में फेल हो चुके है और उसके बाद भी सत्ता का सिंहासन पर बैठे हुए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 75 वर्ष के हो गए हैं और इन उम्र में भी सीएम बनने का सपना देख रहे हैं। उनको सपने आ रहे हैं कि वह 200 से अधिक सीट जीत लेंगे। वह हमेशा दूसरे गठबंधन में रहकर सीएम बने हुए हैं। अगर हिम्मत है तो अकेले अपने बूते चुनाव लड़कर सरकार बनाकर देख लें।
मर चुकी है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी की आत्मा
मुकेश सहनी ने कहा अब तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी की आत्मा भी मर चुकी है। एक समय था जब वह रेल मंत्री थे और घटना होती थी तो नैतिक जिम्मेदारी का पालन करते हुए इस्तीफा तक दे देते थे। अब उनकी आत्मा कहां चली गई है जब बिहार में अपराध चरम पर है। सीएम नीतीश कुमार को बस कुर्सी का मोह है, इसलिए इसको छोड़ना नहीं चाहते हैं।