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Bihar Election: प्रशांत किशोर का बिहार चुनाव से पहले लक्ष्य पर जोरदार निशाना, भाजपा अध्यक्ष के खिलाफ गवाह लाए
Sun, 06 Jul 2025 09:54 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण
Updated Sun, 06 Jul 2025 09:54 PM IST
सार
Bihar News : बिहार विधानसभा चुनाव में जहां प्रशांत किशोर को भारतीय जनता पार्टी की बी टीम कहा जा रहा है, वहीं उनका पहला ही लक्ष्य प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल हैं। अब पीके उनके खिलाफ गवाह लेकर मैदान में उतर चुके हैं।
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पटना में मीडिया से बात करते प्रशांत किशोर।
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
राष्ट्रीय जनता दल समेत पूरा महागठबंधन जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर को भारतीय जनता पार्टी का बी टीम कहते नहीं थक रहा है, दूसरी ओर पीके बिहार चुनाव से पहले नीतीश कुमार सरकार के पूर्व मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी से हटाकर जेल भेजने की तैयारी में जुटे हुए हैं। वह लगातार उनपर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे थे। अब तो पीके ने भ्रष्टाचार के अपने आरोप के गवाह को भी सामने ला खड़ा किया है।
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जनसुराज पार्टी और किशनगंज स्थित माता गुजरी मेडिकल कॉलेज (MGM) के संस्थापक मोलेश्वर सिंह के परिवार के सदस्यों ने रविवार को पटना में मीडिया के सामने आकर बताया कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने गैरकानूनी, अवैध तरीकों और हर स्तर पर अनियमितता का सहारा लेकर राज्य के अल्पसंख्यक सिख कॉलेज पर कब्जा कर रखा है। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने कहा कि यह किसी व्यक्ति या संस्था का मामला नहीं है। जब व्यक्तिगत लाभ की बात आती है तो भाजपा, जदयू, राजद सभी हाथ मिला लेते हैं। यह इस मामले से स्पष्ट है।
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दिलीप जायसवाल का इतिहास बताया
पीके ने कहा- "दिलीप जायसवाल ने पिछले 25 वर्षों से माता गुजरी कॉलेज पर तमाम हथकंडे अपनाकर कब्जा कर रखा है। वह वहां एक समय में क्लर्क हुआ करते थे। बाद में कॉलेज के संस्थापक सरदार मोलेश्वर सिंह के बेटे करतार सिंह के जरिए उन्होंने पहले परिवार के दूसरे ट्रस्टी गुरुदयाल सिंह को ट्रस्ट से बाहर करवाया। फिर खुद करतार सिंह पर दबाव बनाकर उन्हें किशनगंज छोड़ने पर मजबूर किया।" प्रशांत किशोर ने कहा कि "दिलीप जायसवाल पर कॉलेज से जुड़े राजेश शाह की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। जिस पुलिस अधीक्षक ने जांच कर दिलीप जायसवाल को क्लीन चिट दी, उनकी पत्नी ने माता गुजरी कॉलेज से MBBS की डिग्री हासिल की है।"
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पीके ने दिलीप जायसवाल से इस्तीफा मांगा
प्रशांत किशोर ने मांग की कि कॉलेज के असली मालिक सरदार मोलेश्वर सिंह के परिवार को उनका हक मिले और राजेश शाह की हत्या की निष्पक्ष जांच की जाए। उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा के शीर्ष नेता पीएम मोदी को इस पूरे मामले पर जवाब देना चाहिए। प्रशांत किशोर ने इस मामले में राष्ट्रीय जनता दल को भी समेटा और कहा कि दिलीप जायसवाल को राबड़ी देवी ने मुंह बोला भाई कहा और 50 से अधिक नेताओं-अफसरों के परिवार के बच्चों को मैनेजमेंट कोटा से दिलीप जायसवाल ने मेडिकल में एडमिशन करवाया। इसलिए कोई इनके खिलाफ नहीं बोल रहा है। उन्होंने कहा कि दिलीप जायसवाल ने राजद के कार्यकाल में इस कॉलेज पर कब्जा किया है। राजद ने पिछले 25 साल में कभी इस मुद्दे को नहीं उठाया क्योंकि दिलीप जायसवाल राबड़ी देवी जी के मुंह बोले भाई हैं। लालू जी के परिवार के कई सदस्यों ने दिलीप जायसवाल के कब्जे वाले कॉलेज से MBBS की डिग्री हासिल की है।
वरिष्ठ अधिकवक्ता वाई बी गिरी ने कहा कि दिलीप जायसवाल ट्रस्ट एक्ट का उल्लंघन कर बने MGM कॉलेज के डायरेक्टर, हमलोग उनके खिलाफ कोर्ट जाएंगे और कानूनी लड़ाई लड़ेंगे, सरदार मोलेश्वर सिंह के परिवार को न्याय दिलाएंगे। सरदार मोलेश्वर सिंह के पुत्र गुरुदयाल सिंह और पुत्री अमृत कौर ने कहा कि षड्यंत्र के तरह हमारे पिताजी को कॉलेज से निकाल कर दिलीप जायसवाल ने इस कॉलेज पर कब्जा किया, हमारी जान को खतरा है और हमें न्याय मिलना चाहिए। प्रेस वार्ता में राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती, पूर्व विधायक किशोर कुमार, विधान पार्षद अफाक अहमद, पूर्व उप सेना प्रमुख एस.के. सिंह, महासचिव सुभाष सिंह कुशवाहा, पूर्व आईपीएस आर.के. मिश्रा भी मौजूद थे।