फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Bihar News: IAS KK Pathak withdraws order after protest from minister Ratnesh Sada, relief to tola servants

Bihar IAS Controversy : बिहार सरकार के मंत्री के विरोध के बाद केके पाठक ने लिया आदेश वापस, टोला सेवकों को राहत

Thu, 06 Jul 2023 09:24 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आदित्य आनंद Updated Thu, 06 Jul 2023 09:24 AM IST
सार

बिहार सरकार के मंत्री रत्नेश सदा ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक पर जमकर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि केके पाठक दलित विरोधी है। उनका व्यवहार अशोभनीय है और वह मनमानी करते हैं। 

विज्ञापन
Bihar News: IAS KK Pathak withdraws order after protest from minister Ratnesh Sada, relief to tola servants
शिक्षा विभाग के एक आदेश का नीतीश सरकार के ही मंत्री ने विरोध किया था। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार सरकार के मंत्री रत्नेश सदा ने जिस बात का विरोध किया तो और शिक्षा विभाग के अपर विशेष सचिव केके पाठक को खरी-खोटी सुनाई थी, उसे वापस ले लिया गया है। अब शिक्षा विभाग द्वारा एक नया आदेश जारी किया गया है। इसमें टोला सेवकों को राहत दी गई। बता दें कि टोलासेवकों को अपने इलाके के 90 फीसदी बच्चों को स्कूल तक पहुंचाने की बात कही गई थी। इसमें असमर्थ होने पर 25 फीसदी सैलरी काटने की बात कही गई। इसके बाद बिहार सरकार के मंत्री रत्नेश सदा ने इस पर आपत्ति जताई थी और इससे मामले की शिकायत नीतीश कुमार से करने की बात कही थी। 

विज्ञापन


बच्चों की हाजिरी 90 फीसदी से घटाकर अब 75 फीसदी कर दी गई
मामला तूल पकड़ने लगा तो शिक्षा विभाग ने बच्चों की हाजिरी 90 फीसदी से घटाकर अब 75 फीसदी कर दी गई है। दरअसल, शिक्षा विभाग ने अनुसूचित जाति के टोला सेवकों के मानेदय में 25 प्रतिशत की कटौती का फरमान जारी किया था। इसमें कहा गया था कि जिन शिक्षा सेवक के क्षेत्र में प्राइमरी स्कूलों में पांचवी तक के बच्चों की 90 प्रतिशत उपस्थिति नहीं करवा सकते तो, उनके वेतन में 25 प्रतिशत कटौती की जाएगी। इसके बाद इस आदेश का विरोध होता रहा। अब शिक्षा विभाग ने इसे घटाकर 75 फीसदी कर दिया। 
विज्ञापन


मंत्री रत्नेश सदा ने कहा था- केके पाठक दलित विरोधी है
बिहार सरकार के मंत्री रत्नेश सदा ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक पर जमकर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि केके पाठक दलित विरोधी है। उनका व्यवहार अशोभनीय है और वह मनमानी करते हैं। वह सामंती विचारधारा के लोग हैं और शिक्षा विभाग में आने के बाद अपने विचारधारा को लागू करना चाहते हैं। यही कारण है कि महादलित टोले के शिक्षक जो महादलित के बच्चे को पढ़ाते हैं उसको लेकर नया गाइडलाइन जारी कर उनके वेतन में कटौती के आदेश जारी कर दिया। यह काफी गलत है। उन्होंने कहा कि नब्बे प्रतिशत अगर बच्चे की उपस्थिति नही रहेगी तो महादलित टोले के शिक्षक का वेतन काटा जाएगा। यह फरमान कहीं से उचित नहीं है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed