फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Bihar: IAS KK Pathak did not join Revenue and Land Reforms Department return to education again

Bihar : नीतीश कुमार सरकार को नहीं पता, कब ड्यूटी पर आएंगे IAS केके पाठक; शिक्षा विभाग से स्थानांतरण नहीं माना

Wed, 19 Jun 2024 08:11 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण Updated Wed, 19 Jun 2024 08:11 PM IST
सार

Bihar : केके पाठक को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में स्थानांतरण किया गया, लेकिन उन्होंने वहां पदभार ग्रहण नहीं किया। अब चर्चा है कि केके पाठक शिक्षा विभाग को छोड़कर दूसरे विभाग में जाना नहीं चाहते हैं। ऐसे में शिक्षकों का धड़कन तेज होना लाजमी है।

विज्ञापन
Bihar: IAS KK Pathak did not join Revenue and Land Reforms Department return to education again
केके पाठक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शिक्षकों के दिल की धड़कन एक बार फिर से बढ़ गई है। उन्हें आशंका है कि केके पाठक कहीं वापस न आ जाएँ, क्यों कि केके पाठक को जिस विभाग में स्थानांतरण किया गया था, उन्होंने वहां पदभार ग्रहण किया ही नहीं। केके पाठक को  भूमि सुधार और राजस्व विभाग का मुख्य सचिव बनाया गया था, लेकिन उन्होंने वहां ज्वाइन ही नहीं किया। अब आईएएस अधिकारी दीपक कुमार सिंह को भूमि सुधार और राजस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। आईएएस अधिकारी दीपक कुमार सिंह फिलहाल ग्रामीण कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसकी सूचना जारी कर दी है।

विज्ञापन


छुट्टी पर जाने के बाद बदला विभाग 
 शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव  केके पाठक पद पर रहते हुए 3 जून से 30 जून तक की छुट्टी पर चले गये थे। उनके छुट्टी पर जाने के बाद शिक्षा विभाग का अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ को बनाया गया। साथ ही केके पाठक को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में स्थानांतरण किया गया। लेकिन केके पाठक ने वहां पदभार ग्रहण नहीं किया। अब चर्चा है कि केके पाठक शिक्षा विभाग को छोड़कर दूसरे विभाग मेंजाना नहीं चाहते हैं। ऐसे में शिक्षकों का धड़कन तेज होना लाजमी है।
विज्ञापन


केके पाठक इस वजह से रहे हैं चर्चित 
शिक्षकों में केके पाठक को लेकर काफी विरोध है। इसकी वजह उनके अलग अलग निर्णय उनके आदेश रहे हैं। अपने विभिन्न आदेशों की वजह से केके पाठक हमेशा चर्चाओं में बने रहते थे। खासकर स्कूलों की टाइमिंग, शिक्षकों की छुट्टियों में कटौती, बच्चों के तीन दिन अनुपस्थित रहने पर नाम काटना और शिक्षकों के वेतन काटने के मामले को लेकर वह हमेशा सुर्ख़ियों में रहे। इतना ही नहीं भीषण गर्मी में स्कूल खोले जाने का भी खूब विरोध हुआ, जिस वजह से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को विद्यालयों में छात्रों के साथ साथ शिक्षकों को भी छुट्टी देनी पड़ी थी। इन्हीं सब वजहों से केके पाठक लंबी छुट्टी पर चले गये थे। अब फिर इस बात की चर्चा जोरों पर है कि वह  राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ज्वाइन नहीं करेंगे। इसलिए शिक्षकों की घबड़ाहट बढ़ गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed