Bihar: निजी नलकूप योजना के लिए रिजेक्ट हुए फॉर्म पर इस तारीख तक दर्ज कराएं आपत्ति, नीतीश सरकार ने दिया मौका
बिहार सरकार निजी नलकूप बोरिंग योजना के तहत किसानों को 50 से 70 प्रतिशत तक का अनुदान दे रही है। किसानों को यह अनुदान बोरिंग और मोटर पंप सेट के लिए दिया जा रहा।
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मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के लिए आवेदन देने वाले किसानों के लिए काम की खबर है। बिहार सरकार ने उन्हें रद्द हुए आवेदन पर लिखित आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया है। लघु जल संसाधन विभाग की ओर से बुधवार को जारी चिट्ठी में कहा गया है कि मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना अंतर्गत जिन किसानों के आवेदनों को निरस्त किया गया है, यदि वे निर्णय से असंतुष्ट हैं तो अपनी लिखित आपत्ति 31 दिसंबर तक संबंधित प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता के पास दर्ज करा सकते हैं। निर्धारित समय सीमा के पश्चात् किसी भी अनुरोध पर विचार नहीं किया जाएगा।
35000 निजी नलकूपों लगाने का लक्ष्य
बता दें कि मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना अंतर्गत बिहार राज्य में कुल 35000 निजी नलकूपों के अधिष्ठापन का लक्ष्य निर्धारित किया है। दरअसल, बिहार सरकार अब पटवन के लिए निजी बोरिंग लगाने वालों को भी अनुदान दे रही है। यानी अगर आपके इलाके में नहर की सुविधा नहीं है तो सरकार अब निजी बोरिंग लगाने पर अनुदान दे रही।
70 मीटर की गहराई तक के लिए अनुदान
बता दें कि बिहार सरकार निजी नलकूप बोरिंग योजना के तहत किसानों को 50 से 70 प्रतिशत तक का अनुदान दे रही। किसानों को यह अनुदान बोरिंग और मोटर पंप सेट के लिए दिया जा रहा। योजना के अंतर्गत एक किसान को अधिकतम 70 मीटर की गहराई तक के लिए अनुदान दिया जा रहा। इसके लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन देना होगा। इसके लिए आवेदन की जानकारी, एलपीसी का विवरण, बैंक खाता समेत अन्य जानकारी देनी होगी।