Bihar Election 2020 Updates: पीएम ने विपक्ष को घेरा, चिराग और लोजपा पर साधी चुप्पी
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Fri, 23 Oct 2020 12:26 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: Sneha Baluni
Updated Fri, 23 Oct 2020 12:26 PM IST
खास बातें
बिहार में अगले हफ्ते पहले चरण के लिए मतदान होना है। आज राज्य के सासाराम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली चुनावी रैली की। वे यहां दो और रैलियों को संबोधित करेंगे। अपने 41 मिनट के संबोधन में उन्होंने रामविलास पासवान और रघुवंश प्रसाद को श्रद्धांजलि दी। जहां लालू और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। वहीं लोक जनशक्ति पार्टी या चिराग पासवान को लेकर एक शब्द भी नहीं कहा। प्रधानमंत्री ने गलवां घाटी में शहीद हुए बिहार रेजिमेंट के जवानों को भी याद किया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने नीतीश कुमार के महागठबंधन से अलग होने के फैसले का समर्थन किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि एमएसपी तो केवल बहाना है असल में ये लोग बिचौलियो को बचाना चाहते हैं। उन्होंने बिहार के भविष्य के लिए राज्य में एनडीए की सरकार बनाने का अनुरोध किया। यहां पढ़ें इससे जुड़े सभी अपडेट्स-
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प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : ANI
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लाइव अपडेट
11:37 AM, 23-Oct-2020
नीतीश कुमार के महागठबंधन से अलग होने का पीएम मोदी ने किया बचाव
- आत्मनिर्भरता के संकल्प को मजबूत करने के लिए फिर नीतीश जी की अगुवाई में सरकार बनाना जरूरी है। बिहार में भाजपा, जेडीयू, हम पार्टी और वीआईपी पार्टी का गठबंधन यानी एनडीए की सरकार जरूरी है। बिहार को आत्मनिर्भर बनाने के लिए, देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए, एनडीए की जीत जरूरी है।
- बिहार में स्वरोजगार के अवसरों के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। आज मुद्रा योजना से गरीबों को, महिलाओं को, युवा उद्यमियों को, दुकानदारों को बिना गारंटी का ऋण मिल रहा है। गांवों में जो उद्यमी दीदियों के समूह हैं, उनको बैंकों से मिलने वाली सुविधा बढ़ाई गई है।
- देश की शिक्षा व्यवस्था में तो बिहार का गौरवशाली इतिहास रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति से प्रेरणा लेते हुए, अब कोशिश होगी, मेडिकल, इंजीनियरिंग समेत सभी तकनीकि कोर्सेस को भी मातृभाषा में पढ़ाया जाएगा।
- ड्रोन की मदद से गांव के घर-घर की मैपिंग की जा रही है। सारी कार्यवाही के बाद गांव के लोगों को, हर एक नागरिक का उनके घर का, उनकी जमीन का स्वामित्व कार्ड दिया जा रहा है।
- भारत के गांवों में रहने वालों की स्वामित्व की दिक्कत को दूर करने की केंद्र सरकार ने स्वामित्व योजना की शुरुआत की है। इस योजना में सब कुछ टेक्नोलॉजी के माध्यम से हो रहा है
- केंद्र सरकार ने स्वामित्व योजना की शुरुआत की है। इस योजना में सब कुछ टेक्नोलॉजी के माध्यम से हो रहा है। सारी कार्यवाही के बाद गांव के लोगों को, हर एक नागरिक का उनके घर का, उनकी जमीन का स्वामित्व कार्ड दिया जा रहा है।
- आज जल जीवन मिशन से हर घर जल पहुंचाने का काम तेजी से चल रहा है। इस मिशन का लाभ यहां इस क्षेत्र में रहने वाले हमारे हमारे आदिवासी भाई-बहनों को भी होगा।
- 2014 में प्रधानसेवक बनने के बाद मुझे नीतीश जी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सिर्फ 3-4 वर्ष ही काम करने का मौका मिला है। बाकी तो यूपीए के साथ संघर्ष करने में बिहार का टाइम गया है। लेकिन इन 3-4 वर्षों में कहीं 3-4 गुना और कहीं पर तो 5 गुना तेजी से काम किया गया है।
- सुविधा के साथ-साथ बिहार के सभी वर्गों को अधिक से अधिक अवसर देने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों को मिलने वाले आरक्षण को अगले 10 साल तक के लिए बढ़ा दिया गया है।
- बीते वर्षों में बिहार के गरीब, दलित, वंचित, पिछड़े, अतिपिछड़े, आदिवासी तक वो सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया गया है, जिन्हें पाना कभी बहुत मुश्किल होता था।
- बाद में 18 महीने क्या हुआ, ये आप भली-भांति जानते हैं। इन 18 महीनों में परिवार ने क्या-क्या किया, कैसे-कैसे खेल किए, ये भी किसी से छिपा नहीं है। जब नीतीश जी ये समझ गए कि इन लोगों के साथ रहते हुए बिहार का भला तो छोड़िए, बिहार और 15 साल पीछे चला जाएगा तो उन्हें फैसला लेना पड़ा।
11:35 AM, 23-Oct-2020
हम बिहार के भविष्य के लिए एक बार फिर नीतीश जी के साथ आए हैं: पीएम
- साथियों आज एनडीए के सभी दल मिलकर आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी बिहार के निर्माण में जुटे हैं। बिहार को अभी भी विकास के सफर में मीलों आगे जाना है। नई बुलंदी की तरफ उड़ान भरनी है।
- बाद में 18 महीने क्या हुआ, ये आप भली-भांति जानते हैं। इन 18 महीनों में परिवार ने क्या-क्या किया, कैसे-कैसे खेल किए, ये भी किसी से छिपा नहीं है। जब नीतीश जी ये समझ गए कि इन लोगों के साथ रहते हुए बिहार का भला तो छोड़िए, बिहार और 15 साल पीछे चला जाएगा तो उन्हें फैसला लेना पड़ा।
- जब बिहार के लोगों ने इन्हें सत्ता से बेदखल कर दिया, नीतीश जी को मौका दिया तो ये बौखला गए। उनके अंदर एक गुस्सा आया और जहर भर गया और इसके बाद इन्होंने 10 सालों तक दिल्ली में यूपीए सरकार में रहते हुए बिहार पर, बिहार के लोगों पर अपना गुस्सा निकाला।
- बिहार के विकास की हर योजना को अटकाने और लटकाने वाले ये लोग हैं जिन्होंने अपने 15 साल के शासन में लगातार बिहार को लूटा। आपने बहुत विश्वास के साथ सत्ता सौंपी थी लेकिन इन्होंने सत्ता को अपनी तिजोरी भरने का माध्यम बना लिया।
- हम बिहार के भविष्य के लिए एक बार फिर नीतीश जी के साथ आए हैं।
- मैं बिहार की भूमि से इन लोगों को एक बात स्पष्ट कहना चाहता हूं- ये लोग जिसकी चाहे मदद ले लें, देश अपने फैसलों से पीछे नहीं हटेगा। भारत अपने फैसलों से पीछे नहीं हटेगा।
- इन लोगों को आपकी जरूरतों से कभी सरोकार नहीं रहा। इनका ध्यान रहा है अपने स्वार्थों पर, अपनी तिजोरी पर। यही कारण है कि भोजपुर सहित पूरे बिहार में लंबे समय तक बिजली, सड़क, पानी जैसी मूल सुविधाओं का विकास नहीं हो पाया।
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11:35 AM, 23-Oct-2020
मंडी और एमएसपी तो बहाना है, असल में दलालों और बिचौलियों को बचाना है: पीएम मोदी
- इतना कहने के बाद भी ये लोग बिहार के लोगों से वोट मांगने की हिम्मत दिखा रहे हैं। जो बिहार अपने बेटे-बेटियों को सीमा पर देश की रखवाली के लिए भेजता है क्या ये उसकी भावना का अपमान नहीं है।
- जम्मू कश्मीर से आर्टिकल-370 हटने का इंतजार देश बरसों से कर रहा था या नहीं। ये फैसला हमने लिया, एनडीए की सरकार ने लिया। लेकिन आज ये लोग इस फैसले को पलटने की बात कर रहे हैं। ये कह रहे हैं कि सत्ता में आए तो आर्टिकल-370 फिर लागू कर देंगे।
- जब-जब, बिचौलियों और दलालों पर चोट की जाती है, तब-तब ये तिलमिला जाते हैं, बौखला जाते हैं। आज हालत ये हो गई है कि ये लोग भारत को कमजोर करने की साजिश रच रहे लोगों का साथ देने से भी नहीं हिचकिचाते।
- मंडी और एमएसपी तो बहाना है, असल में दलालों और बिचौलियों को बचाना है। लोकसभा चुनाव से पहले जब किसानों के बैंक खाते में सीधे पैसे देने का काम शुरु हुआ था, तब इन्होंने कैसा भ्रम फैलाया था। जब राफेल विमानों को खरीदा गया, तब भी ये बिचौलियों और दलालों की भाषा बोल रहे थे।
- कोरोना के इस समय में भी गरीबों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एनडीए सरकार ने काम किया है। जहां कभी गरीब का राशन, राशन की दुकान में ही लुट जाता था, वहां कोरोना काल में गरीबों को मुफ्त राशन मिला है।
- देश जहां संकट का समाधान करते हुए आगे बढ़ रहा है, ये लोग देश के हर संकल्प के सामने रोड़ा बनकर खड़े हैं। देश ने किसानों को बिचौलियों और दलालों से मुक्ति दिलाने का फैसला लिया तो ये बिचौलियों और दलालों के पक्ष में खुलकर मैदान में हैं।
- गरीब दीवाली और छठ पूजा ठीक से मना सके, इसके लिए मुफ्त अनाज की व्यवस्था की गई है। इसी कोरोना के दौरान करोड़ों गरीब बहनों के खाते में सीधी मदद भेजी गई, मुफ्त गैस सिलेंडर की व्यवस्था की गई।
- शहरों में जो रेहड़ी, ठेला, चलाने वाले साथी हैं, उनके लिए भी बैंकों से आसान ऋण सुनिश्चित कराया जा रहा है ताकि वो अपना काम फिर शुरू कर सकें।
- 2014 में केंद्र में सरकार बनने के बाद जितने समय बिहार को डबल इंजन की ताकत मिली, राज्य के विकास के लिए और ज्यादा काम हुआ है। राज्य को जो प्रधानमंत्री पैकेज मिला था, उसपर काम की रफ्तार भी तेज गति से आगे बढ़ रही है।
11:34 AM, 23-Oct-2020
गलवां घाटी में शहीद हुए बिहार के सपूतों को पीएम मोदी ने किया याद
- जिन लोगों ने एक-एक सरकारी नौकरी को हमेशा लाखों-करोड़ों रुपये कमाने का जरिया माना, वो फिर बढ़ते हुए बिहार को ललचाई नजरों से देख रहे हैं। आज बिहार में पीढ़ी भले बदल गई हो, लेकिन बिहार के नौजवानों को ये याद रखना है कि बिहार को इतनी मुश्किलों में डालने वाले कौन थे?
- वो दिन जब सरकार चलाने वालों की निगरानी में दिन-दहाड़े डकैती होती थी, हत्याएं होती थीं, रंगदारी वसूली जाती थी, वो दिन जब घर की बिटिया, घर से निकलती थी, तो जब तक वापस न आ जाए माता-पिता की सांस अटकी रहती थी।
- अंधेरे से उजाले की ओर बढ़ना इसी को कहते हैं। बिहार के लोग भूल नहीं सकते वो दिन जब सूरज ढलते का मतलब होता था, सब कुछ बंद हो जाना, ठप्प पड़ जाना। आज बिजली है, सड़के हैं, लाइटें हैं और सबसे बड़ी बात वो माहौल है जिसमें राज्य का सामान्य नागरिक बिना डरे रह सकता है, जी सकता है।
- भारत के सम्मान बा बिहार, भारत के स्वाभिमान बा बिहार, भारत के संस्कार बा बिहार, संपूर्ण क्रांति के शंखनाद बा बिहार, आत्मनिर्भर भारत के परचम बा बिहार।
- बिहार के सपूत गलवां घाटी में तिरंगे के खातिर शहीद हो गए, लेकिन भारत मां का माथा नहीं झुकने दिया। पुलवामा हमले में भी बिहार के जवान शहीद हुए, मैं उनके चरणों मे शीश झुकाता हूं और उन्हें श्रद्धांजलि देता हूं।
- बिहार के लोगों ने मन बना लिया है, ठान लिया है कि जिनका इतिहास बिहार को बीमारू बनाने का है, उन्हें आसपास भी नहीं फटकने देंगे। जितने सर्वे हो रहे हैं, जितनी रिपोर्ट आ रही है, सभी में ये ही आ रहा है। बिहार में फिर एक बार, एनडीए सरकार बनने जा रही है।
11:34 AM, 23-Oct-2020
प्रधानमंत्री मोदी ने रामविलास पासवान और रघुवंश प्रसाद को दी श्रद्धांजलि
- दुनिया के बड़े-बड़े अमीर देशों की हालत किसी से छिपी नहीं है। अगर बिहार में तेजी से काम न हुआ होता तो ये महामारी न जाने कितने साथियों की, हमारे परिवारजनों की जान ले लेती, कितना बड़ा हाहाकार मचता, इसकी कोई कल्पना नहीं कर सकता।
- सबसे पहले मैं बिहार के लोगों को बधाई देना चाहता हूं, बधाई इसलिए कि बिहार के लोग इतनी बड़ी आपदा का डटकर मुकाबला कर रहे हैं। कोरोना महामारी से बचने के लिए तेजी से जो फैसले लिए गए हैं, जिस तरह बिहार के लोगों ने काम किया, उसके नतीजे आज दिख रहे हैं।
- आज रोहतास के साथ-साथ आस-पास के अन्य जिलों के साथी भी यहां आए हैं। तकनीक के माध्यम से काफी साथी और एनडीए के उम्मीदवार हमारे साथ जुड़े हैं। मैं आप सभी का अभिनंदन करता हूं।
- बाबू रघुवंश प्रसाद सिंह जी ने भी गरीबों के उत्थान के लिए निरंतर काम किया। वो भी अब हमारे बीच नहीं हैं। मैं उन्हें भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।
- साथियों हाल ही में बिहार ने अपने दो सपूतों को खोया है, जिन्होंने यहां के लोगों की दशकों तक सेवा की है। मेरे करीबी मित्र और गरीबों, दलितों के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले और आखिरी समय तक मेरे साथ रहने वाले राम विलास पासवान जी को मैं श्रद्धाजंलि अर्पित करता हूं।
10:27 AM, 23-Oct-2020
बिहार चुनाव: 41 मिनट के भाषण में पीएम ने लालू और कांग्रेस को घेरा, चिराग और लोजपा पर साधी चुप्पी
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार का दिन अहम है। आज प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार के सियासी रण में एंट्री की है। वे एनडीए उम्मीदवारों के लिए जनता से समर्थन मांग रहे हैं। इस दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री और एनडीए के मुख्यमंत्री उम्मीदवार नीतीश कुमार उनके साथ मौजूद हैं। लगभग आठ महीने बाद प्रधानमंत्री मोदी किसी रैली को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने भारत माता की जय के साथ अपने भाषण की शुरुआत की। इस दौराान उन्होंने रामविलास पासवान को भी श्रद्धांजलि दी।