भैंस के आगे बीन बजाते देखिए: शिक्षा मंत्री के अनसुने रवैए से खफा STET अभ्यर्थी पटना में अनोखा प्रदर्शन कर रहे
कहावतों को चरितार्थ होते तो देखा जाता है, लेकिन नाट्य रूपांतरण नहीं दिखता है। पटना में 'भैंस के आगे बीन बजाना’ को सजीव दिखाने के लिए STET अभ्यर्थी जुट गए। रामचरितमानस पर विवादित बयान देने वाले शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर के खिलाफ प्रदर्शन है।
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आमतौर पर कहावतों को चरितार्थ होते तो देखा जाता है, लेकिन उसका मानवीय नाट्य रूपांतरण नहीं दिखता है। पटना में एक कहावत 'भैंस के आगे बीन बजाना’ को सजीव कर दिखाने के लिए सेकेंड्री टीचर्स इलिजिबलिटी टेस्ट (STET) के अभ्यर्थी जुट गए। उन्होंने अपनी मांगों पर शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर के अनसुने रवैए से खफा होकर राज्य के लोगों और राजनेताओं का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए इस अनोखे प्रदर्शन की तैयारी की। अनसुना करने के कारण शिक्षा मंत्री का प्रतिरूप मानकर भैंस के सामने बीन बजाया जाने की योजना थी। भैंस का इंतजाम हो गया, मगर इस संपेरे से बीन का इंतजाम नहीं कर सके। बीन का इंतजाम नहीं होने के कारण अभ्यर्थियों ने भैंस के सामने कागजों पर अपनी मांग रखी और उसके सामने चिल्लाकर अपनी बातें कहीं।
लंबे समय से अपनी मांगों पर सुनवाई नहीं होने का विरोध
यह प्रदर्शन तीनों प्रमुख राजनीतिक दलों जदयू, राजद और भाजपा के दफ्तर वाले वीरचंद पटेल मार्ग पर किया जा रहा है। मुख्य विपक्षी दल को मुद्दा देने के लिए प्रदर्शन की जगह भाजपा दफ्तर से करीब है। शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर पिछले करीब 11 दिनों से रामचरितमानस के उद्धरणों पर बैकवर्ड-फॉरवर्ड वाला बयान देकर विवादों में हैं। STET अभ्यर्थियों ने लंबे समय से अपनी मांगों की सुनवाई नहीं होने पर विरोध के लिए यह रवैया अख्तियार किया।
प्रेमिका छोड़ गई, STET का विज्ञापन दीजिए सरकार
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार ने हमारे जैसे लड़कों को सड़कों पर लाकर खड़ा कर दिया है। STET 19 वालों को बहाली नहीं दे रहे हैं। हम निकृष्ट हो गए हैं। तेजस्वी यादव हमें बहाल करें। इस राज्य में पैदा होकर गलती कर दिए हैं। इच्छा मृत्यु दे दीजिए। शिक्षा मंत्री शिक्षा पर ही राजनीति क्यों कर रहे हैं? मुख्यमंत्री हमारा समाधान किए बगैर प्रधानमंत्री का कुर्सी नहीं पा सकते। STET 19 का विज्ञापन दीजिए। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि हमारी प्रेमिका भी हमें छोड़कर चल गई है। हमारी कोई इज्जत नहीं बची है। कोई साथ में बैठाना नहीं चाहता। घर वाले भगना चाहते हैं।