Bageshwar Dham: बागेश्वर धाम वाले बाबा के बिहार आने से पहले सियासत शुरू, महागठबंधन ने कहा- उन्माद फैलाने आ रहे
Bihar News: जदयू ने राजद पर पलटवार करते हुए कहा कि धीरेंद्र शास्त्री के हनुमंत कथा पर सवाल उठाने वाले लोग नास्तिक हैं। हनुमान जी अपनी गद्दा से उनका हिसाब किताब करेंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोपालगंज जिले के भोरे प्रखंड की हुस्सेपुर पंचायत के रामनगर इलाक़े में आजकल मेले जैसा माहौल है। बागेश्वर बाबा के नाम से मशहूर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इसी रामनगर में 6 से 10 मार्च तक अपना दिव्य दरबार लगाने वाले हैं। इस दौरान यहां पांच दिनों तक उनका हनुमंत पाठ भी होगा। बाबा के कार्यक्रम को लेकर गोपालगंज में सियासत शुरू हो गई है। एक तरफ़ जहां बिहार भाजपा बागेश्वर बाबा के समर्थन में खड़ी है, वहीं सत्ताधारी राष्ट्रीय जनता दल सहित महागठबंधन के नेता उनका विरोध कर रहे हैं। इस मुद्दे पर पहला विवाद तब शुरू हुआ, जब गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर विधानसभा के विधायक प्रेमशंकर यादव ने कहा कि बाबा बागेश्वर धार्मिक उन्माद फैलाने के लिए गोपालगंज के रामनगर आ रहे हैं। लेकिन उनकी दाल गलने वाली नहीं है। गोपालगंज में भी अयोध्या जैसा ही हाल होगा।
वहीं जदयू के प्रदेश प्रवक्ता सह बैकुंठपुर के पूर्व विधायक मंजीत कुमार सिंह ने राजद विधायक पर पलटवार करते हुए कहा कि धीरेंद्र शास्त्री के हनुमंत कथा पर सवाल उठाने वाले लोग नास्तिक हैं। हनुमान जी अपनी गद्दा से उनका हिसाब किताब करेंगे। वहीं महागठबंधन से भोरे विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी सह माले नेता जितेंद्र पासवान ने कहा कि देश में बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे को डाइवर्ट करने के लिए भाजपा धर्म का सहारा ले रही है। भाजपा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को बुलाकर धार्मिक उन्माद फैलाने का कार्य कर रही है। वहीं बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और बरौली विधानसभा से भाजपा विधायक रामप्रवेश राय ने कहा कि पंडित धीरेंद्र शास्त्री हनुमंत कथा कर सनातन धर्म और संस्कृति को आगे बढ़ाते हैं। राजद और लालू प्रसाद सहित उनके पार्टी के नेताओं का पहले से ही विरोध करने की आदत है।
लाखों लोगों के जुटने का दावा
ऐसा पहली बार है कि रामनगर जैसे सुदूर ग्रामीण इलाके में किसी बाबा का इस तरह का कार्यक्रम होने जा रहा है। बागेश्वर बाबा के समर्थकों का दावा है कि यहां पांच दिनों तक लगातार तीन से चार लाख लोग जुट सकते हैं। इनमें बिहार के अलावा, उत्तर प्रदेश, झारखंड और उत्तराखंड के अलावे पड़ोसी देश नेपाल के भी लोग शामिल होंगे। बीजेपी बागेश्वर बाबा के स्वागत में खड़ी है। जबकि सांप्रदायिकता और अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाकर कई पार्टियों के नेता उनका विरोध कर रहें हैं। रामनगर मठ परिसर में हनुमंत कथा के लिए युद्ध स्तर पर तैयारी जारी है। मठ के मठाधीश हेमकांत शरण ने बताया कि बागेश्वर बाबा इसी भवन में रुकेंगे और इसके लिए भवन का रंग रोग़न का काम अंतिम रूप में चल रहा है।
पीएम मोदी से मुलाकात के बाद पहली बार बिहार आ रहे बाबा
पिछले कुछ वर्षों से अचानक चर्चा में आए मध्य प्रदेश के बागेश्वर धाम मंदिर के पंडित धीरेंद्र शास्त्री की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के बाद यह पहली बिहार यात्रा है। लोगों से बात करने पर पता चलता है कि सोशल मीडिया पर प्रचार की वजह से बिहार में भी बड़ी संख्या में लोग बागेश्वर बाबा के नाम से परिचित हैं।