Bihar Kidnapping : अगवा दो बच्चों की हत्या के बाद बेतिया से अपहृत दो नाबालिग लड़कियों के लिए चिंता चरम पर
Bihar : पहले बैक टू बैक अपहरण...अब बैक टू बैक दो बच्चों की लाशें मिली। दो हत्या के बाद अब 3 परिवार दहशत में जी रहा है। उन्हें भी किसी बड़े अनहोनी का डर सता रहा है। इनमें दो लड़कियों का परिवार है और तीसरा पटना के डॉ. संजय कुमार का परिवार।
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पहले बैक टू बैक अपहरण...अब बैक टू बैक दो बच्चों की लाशें मिली। दो हत्या के बाद अब 3 परिवार दहशत में जी रहा है। उन्हें भी किसी बड़े अनहोनी का डर सता रहा है। इनमें दो लड़कियों का परिवार है और तीसरा पटना के डॉ. संजय कुमार का परिवार। दो लड़कियों का अपहरण बेतिया से हुआ था। वहीं डॉक्टर अंतिम बार गांधी सेतु पर देखे गए थे। तीनों अबतक नहीं लौटे। मुजफ्फरपुर के डॉक्टर का बेटा विवेक लौटा तो इन लोगों में आशा की किरण जगी थी लेकिन सहरसा की 6 साल की मासूम और पटना 13 साल के बच्चे की लाश मिलने के बाद अब इनका उम्मीद टूट रहा है। बेतिया की दो-दो बेटियों के अपहरण के बाद लोगों में आक्रोश है। अमर उजाला की टीम ने लोगों से बातचीत की। आइए जानते हैं उनकी प्रतिक्रिया...
विधायक के कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है
भाजपा से चनपटिया विधायक उमाकांत सिंह ने बताया कि दो अपहृत बेटियों के परिजन पुलिस से गुहार लगाते-लगाते थक गए। अब तक उनकी बेटी नहीं मिली। वह दहशत में जी रहे। पूरे प्रदेश में अपराधी बेलगाम हो चुके हैं। कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। सरकार अपराधों को रोकने में पूर्णतः विफल है। लोगों में भय का माहौल बन चुका है। महागठबंधन की सरकार बिहार को फिर से 90 के दशक के जंगलराज बनाने में लगी है। लगातार अपहरण और अपराध की घटनाएं प्रदेश की जंगलराज की सच्चाई बयां कर रही है।
चंपारण में अब मां के सामने 16 साल की बेटी अगवा
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव ओम प्रकाश क्रांति ने जिले में नाबालिग लड़कियों के घर से गायब हो जाने या बुरी नियत से गायब कर दिए जाने की बढ़ती घटना पर रोक लगाने की जरूरत है। पुलिस इसे गंभीरता से ले। पीड़ित परिवार के अभिभावक पुलिस प्रशासन के पास जा रहे हैं तो उन्हें उल्टे में दौडाया और परेशान किया जा रहा है। त्वरित और कठोर कार्रवाई नहीं होने से ऐसे समाजविरोधी हरकत करने वालों का मनोबल बढता जा रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए जहां एक तरफ सामाजिक जागरूकता को बढाने की जरूरत है। वहीं पुलिस प्रशासन को भी त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार करना जरूरी है।
13 साल की बच्ची को शादी के लिए उठा ले गए युवक
युवा जागरण मंच के अध्यक्ष दीपेश सिंह ने कहा कि पुलिस-प्रशासन नाबालिक लड़कियों के साथ हो रहे अन्याय पर पूरे तरह से मौन है। प्रशासन के पास नेताओं के कार्यक्रम को सुरक्षा देने के अलावा अन्य किसी चीज में समय नहीं मिल रहा। वह जिले में हो रहे नाबालिक लड़कियों के अपहरण का सुध ले सके।
स्कूलों में आत्मरक्षार्थ कोर्स कराना चाहिए
चनपटिया प्रखंड के पूर्व प्रमुख वीरेंद्र माझी ने बताया कि जिले में नाबालिक लड़कियों का अपहरण और बलात्कार तभी रुक सकता है, जब हम खुद सुधर जायेंगे रही बात प्रसासन की तो उन्हें ज़रा चाक चौबंद से रहना होगा। सबपर पैनी निगाह रखनी होगी। लड़कियों को सुरक्षित रहने के लिये उन्हें आत्मरक्षा करने को हुनर सिखलाने की जरूरत है सभी स्कूलों में आत्मरक्षार्थ कोर्स कराना चाहिए तभी सम्भव है।
जानिए क्या है मामला
शिकारपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में 13 वर्षीय लड़की को शादी के नियत से उसी के गांव के युवक ने अपने दो दोस्तों के सहयोग से हथियार के बल पर अगवा कर लिया था। लड़की के पिता ने शिकारपुर थाने में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। अब तक पुलिस उसे नहीं ढूंढ पाई। वहीं मैनाटांड़ थाना क्षेत्र यज्ञ देखकर अपनी मां के साथ घर लौट रही एक 16 वर्षीय लड़की का बाइक सवार तीन युवकों ने अपहरण कर लिया। लड़की की परिजन ने थाने में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज करवाई। अब तक लड़की नहीं मिली।