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भोपाल : प्रेमिका की हत्या कर घर में ही बना ली थी कब्र, अब मिली उम्रकैद की सजा
Thu, 27 Aug 2020 01:11 PM IST
Tanuja Yadav
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Tanuja Yadav
Updated Thu, 27 Aug 2020 01:11 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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कई बार ऐसी खबरें पढ़ी और सुनी होंगी कि कोई शख्स किसी टेलीविजन सीरियल या फिल्म को देखकर अपराध करने के तरीके सीखता है। इसी बात को सच साबित करता है मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में हुआ एक किस्सा। अपनी प्रेमिका का गला दबाकर हत्या करने वाले सीरियल किलर उदयन दास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
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फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बुधवार को दोपहर उदयन को ये सजा सुनाई। दरअसल, ये मामला 15 जुलाई 2016 का है, जब उदयन ने गहरी नींद में सो रही अपनी प्रेमिका आकांक्षा का तकिए से दम घोंट दिया था और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी।
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चीफ पब्लिक प्रोसिक्यूटर अरुण कुमार चटर्जी ने बताया कि बुधवार करीब दोपहर 12 बजे इस फैसले को सुनाया गया। बांकुरा पुलिस ने उदयन के खिलाफ 30 अप्रैल 2017 को 600 पेज की चार्जशीट अदालत में पेश की थी और सितंबर 2017 में उसके खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे।
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इस मामले में 19 गवाहों के बयान और साक्ष्य उदयन के खिलाफ थे। उदयन ने अपनी प्रेमिका की हत्या करने के बाद उसका शव एक संदूक में रखा दिया और उस संदूक के ऊपर सीमेंट का चबूतरा बना दिया। उदयन ने बताया कि एक इंग्लिश चैनल देखकर उसे ये आइडिया मिला। उदयन इंग्लिश चैनल पर अपराध से संबंधित सीरियल देखता था।
उदयन ने वॉकिंग डेथ नाम की एक ऐसी ही मर्डर मिस्ट्री देखी थी। उदयन ने हत्या के बाद शव को उठाकर दूसरे कमरे में रख दिया एक पुराने बक्से को खाली कर उसमें शव को डाल दिया। इसके बाद उसने बक्से को चारों और से सीमेंट से ढक दिया और उस पर एक चबूतरा बना दिया। इसके लिए उदयन ने 14 बोरी सीमेंट का इस्तेमाल किया था।
आकांक्षा साल 2016 के जून महीने में नौकरी की बात कहकर बांकुरा से भोपाल आई थी। अगले साल जनवरी 2017 के पहले हफ्ते में आकांक्षा के परिवार वालों ने बांकुरा थाने में आकांक्षा की गुमशुदगी का मामला दर्ज करवाया। बांकुरा की पुलिस के साथ आकांक्षा के पिता शिवेंद्र शर्मा भोपाल आए थे।
इसके अलावा उदयन दास पर अपने माता-पिता की हत्या करने का भी आरोप है। उदयन अपने माता-पिता की इकलौती संतान है और वो उनके साथ रायपुर में रहता था। उदयन के पिता भेल में और माता सरकारी विभाग में काम करती थीं। साल 2010 में उदयन ने अपने माता-पिता की हत्या कर दी थी और उनके शवों को घर के बगीचे में दफना दिया था। इस मामले में अभी रायपुर कोर्ट का फैसला आना बाकी है।
