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मध्यप्रदेश: इन विभागों के लिए अड़े सिंधिया, अभी तक नहीं बनी कोई सहमति
Tue, 07 Jul 2020 02:48 PM IST
Tanuja Yadav
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Tanuja Yadav
Updated Tue, 07 Jul 2020 02:48 PM IST
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मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब विभागों का होगा बंटवारा
- फोटो : PTI
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मध्य प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब विभागों का बंटवारा भी केंद्रीय टीम के हाथ में चला गया है। दिल्ली में दो दिन की कड़ी मेहनत के बाद भी इस बात का फैसला नहीं हो सका है कि भाजपा के पास कौन-सा विभाग रहेगा और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के खेमे में क्या आएगा।
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सूत्रों की माने तो विभागों के बंटवारे में नगरीय विकास, राजस्व, पीडब्लूडी, स्वास्थ्य, परिवहन, जल संसाधन, पीएचई, वाणिज्यिक कर, आबकारी, स्कूल शिक्षा और महिला और बाल विकास जैसे विभाग शामिल हैं। दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोप के साथ गृहमंत्री अमित शाह की भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मुलाकात हुई।
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इसके अलावा केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की लेकिन विभागों को लेकर कोई बंटवारा अभीतक नहीं हुआ है। सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी बात केंद्रीय संगठन को बताई, जिसके बाद हाईकमान ने विभागों की सूची भी अपने पास रख ली है।
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इसके बाद राज्य के संगठन से भी इस बात को लेकर चर्चा हुई लेकिन देर रात तक कोई सहमति नहीं बनी, जिसकी वजह से मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक को निरस्त कर दिया गया है।
सूत्रों की माने तो ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सात कैबिनेट मंत्रियों के लिए बड़े विभाग की मांग की है और स्पष्ट किया है कि चार राज्यमंत्रियों के पास कुछ विभाग स्वतंत्र प्रभार के तौर पर रहे। कांग्रेस से बीजेपी में आए हरदीप सिंह डंग, बिसाहूलाल सिंह और एंदल सिंह कंसाना को भी विभाग दिया जाना है।
इसके अलावा सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री भी वाणिज्यिक कर, आबकारी, महिला बाल विकास, परिवहन, ऊर्जा, उद्योग, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास समेत कुछ विभाग अपने करीबी मंत्रियों के पास रखना चाहते हैं। केंद्रीय नेतृत्व इस पर तैयार नहीं हो रहा। हालांकि प्रदेश संगठन ने कुछ नए नाम सुझाएं हैं लेकिन इस पर अंतिम निर्णय नड्डा और संतोष को लेना है।
इस बीच सिंधिया देर रात प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे से मिलने उनके निवास पर पहुंचे। माना जा रहा है कि सहस्त्रबुद्धे ने कुछ विभागों को लेकर सिंधिया से बात की है।
