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भोपाल से साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ ताल ठोकेंगे शहीद हेमंत करकरे के जूनियर रियाजुद्दीन
Fri, 26 Apr 2019 03:32 PM IST
Trainee Trainee
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Trainee Trainee
Updated Fri, 26 Apr 2019 03:32 PM IST
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साध्वी प्रज्ञा-रियाजुद्दीन देशमुख
- फोटो : Amar Ujala
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मध्यप्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट एक बार फिर से सुर्खियों में है। शहीद हेमंत करकरे पर भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा के दिए विवादित बयान से नाराज होकर करकरे के जूनियर और महाराष्ट्र पुलिस में पूर्व एसीपी रियाजुद्दीन देशमुख ने यहां से साध्वी प्रज्ञा सिंह के खिलाफ नामांकन दाखिल किया है। मूल रुप से महाराष्ट्र के औरंगाबाद के रहने वाले रियाजुद्दीन ने भोपाल से बतौर निर्दलीय नामांकन दाखिल किया।
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स्थानीय मीडिया से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि वो करकरे को गुरु मानते थे। उन्होंने ने कहा कि जब हेमंत करकरे महाराष्ट्र के अकोला में एसपी थे, तब रियाजुद्दीन उनके अंडर में बतौर सब इंस्पेक्टर काम करते थे। हेमंत करकरे के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि हेमंत करकरे बड़े से बड़े मामले की जांच बेहद शांत लेकिन सटीक तरीके से करते थे। हेमंत करकरे ने कई मामलों को सुलझाने में उनकी मदद की थी।
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रियाजुद्दीन ने कहा कि साध्वी प्रज्ञा द्वारा हेमंत करकरे पर दिए गए बयान से वो बेहद ही आहत हुए। जिसके बाद उन्होंने साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला किया। रियाजुद्दीन ने निर्दलीय पर्चा भरा है, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा ने साध्वी प्रज्ञा को उतारा है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस की ओर से मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह मैदान में हैं। अब भोपाल लोकसभा सीट से रियाजुद्दीन भी ताल ठोकेंगे।
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मालूम हो कि जबसे साध्वी प्रज्ञा को भाजपा ने भोपाल से प्रत्याशी घोषित किया है। तब से वो अपने विवादित बयानों की वजह से चर्चा में बनी हुईं हैं। साध्वी ने पूर्व एटीएस चीफ हेमंत करकरे पर विवादित बयान देते हुए कहा था कि उसे मेरा श्राप लगा था। इसलिए करकरे को आतंकवादियों ने मार दिया था। साल 2008 में हुए मालेगांव बम ब्लास्ट मामले में साध्वी प्रज्ञा को गिरफ्तार किया गया था। जिसकी जांच पूर्व एटीएस चीफ हेमंत करकरे कर रहे थे। जो मुंबई में हुए 26/11 के आतंकी हमले में शहीद हो गए थे।
