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Vastu Tips: घर के वास्तुदोष से हैं परेशान, तो बिना तोड़े इन सात उपायों से फौरन दूर करें दोष
Sat, 07 Dec 2024 12:03 PM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sat, 07 Dec 2024 12:03 PM IST
सार
Vastu Tips: अगर घर में वास्तु संबंधी दोष मौजूद है तो कुछ उपायों को अपनाकर इन दोषों से छुटकारा पाया जा सकता है और सुख-समृद्धि का संचार किया जा सकता है।
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वास्तु दोष निवारण के लिए घर में वास्तु यंत्र स्थापित करना अत्यंत प्रभावी है।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वास्तु शास्त्र में ऊर्जा संतुलन और सकारात्मकता बनाए रखने के लिए गहराई से अध्ययन किया गया है। अगर घर में वास्तु दोष हैं तो इन्हें ठीक करने के लिए कुछ विशिष्ट और प्रभावी उपाय किए जा सकते हैं। इन उपायों का आधार प्राचीन मान्यताएं और वास्तु विज्ञान है जो घर को समृद्धिशाली, शांत और सुखद बनाते हैं।
1. पंचमुखी हनुमान का चित्र या मूर्ति
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में दक्षिण दिशा में पंचमुखी हनुमान जी का चित्र या मूर्ति लगाना बहुत प्रभावी होता है। यह न केवल नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है, बल्कि वास्तु दोष के कारण उत्पन्न कष्टों का भी निवारण करता है। विशेष रूप से घर में दरवाजों या खिड़कियों के सामने से आने वाली नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव को यह उपाय कम करता है।
2. दक्षिण-पश्चिम दिशा में क्रिस्टल बॉल्स लगाना
अगर घर में संपत्ति या रिश्तों से जुड़ी समस्याएं हैं, तो दक्षिण-पश्चिम दिशा में क्रिस्टल बॉल्स या गुलाबी रंग के पत्थरों का उपयोग करें। ये ऊर्जा के संतुलन को सुधारते हैं और रिश्तों में प्रेम व सामंजस्य बढ़ाते हैं।
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3. वास्तु यंत्र का स्थापना
वास्तु दोष निवारण के लिए घर में वास्तु यंत्र स्थापित करना अत्यंत प्रभावी है। इसे पूजा स्थल में उत्तर-पूर्व दिशा में रखें। यह यंत्र घर की समस्त नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त कर सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह करता है। श्री यंत्र, वास्तु दोष निवारण यंत्र, या ग्रह शांति यंत्र इनमें से किसी एक का उपयोग कर सकते हैं।
4. बांसुरी का उपयोग
घर में बांसुरी रखना एक प्राचीन और प्रभावी उपाय है। बांसुरी को मुख्य द्वार के ऊपर या किसी ऐसी दीवार पर लटकाएं, जहां वास्तु दोष हो। बांसुरी को उत्तर-पूर्व या उत्तर दिशा में रखना विशेष शुभ माना गया है। यह उपाय घर में सुख-समृद्धि और शांति लाता है।
5. गंगाजल और कपूर का प्रयोग
सप्ताह में कम से कम एक बार गंगाजल का छिड़काव पूरे घर में करें। यह घर की नकारात्मकता को दूर करता है। साथ ही, रोजाना शाम को कपूर जलाकर उसकी धूप घर के कोनों में फैलाएं। कपूर और गंगा जल का यह मिश्रण शुद्धिकरण का कार्य करता है।
6.मोर पंख का प्रयोग
मोर पंख को उत्तर-पूर्व दिशा में रखें। यह दोषों को दूर करता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। विशेष रूप से घर में बच्चों के अध्ययन कक्ष में मोर पंख रखना उनकी एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाता है।
7. वास्तु दीपक जलाएं
घर के ऐसे कोनों में, जहां अंधकार या वास्तु दोष हो, नियमित रूप से दीपक जलाएं। उत्तर-पूर्व दिशा में तांबे या मिट्टी के दीपक में घी भरकर दीपक जलाना सबसे शुभ माना जाता है। यह घर के वातावरण को शुद्ध करता है और नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करता है।
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1. पंचमुखी हनुमान का चित्र या मूर्ति
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में दक्षिण दिशा में पंचमुखी हनुमान जी का चित्र या मूर्ति लगाना बहुत प्रभावी होता है। यह न केवल नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है, बल्कि वास्तु दोष के कारण उत्पन्न कष्टों का भी निवारण करता है। विशेष रूप से घर में दरवाजों या खिड़कियों के सामने से आने वाली नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव को यह उपाय कम करता है।
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2. दक्षिण-पश्चिम दिशा में क्रिस्टल बॉल्स लगाना
अगर घर में संपत्ति या रिश्तों से जुड़ी समस्याएं हैं, तो दक्षिण-पश्चिम दिशा में क्रिस्टल बॉल्स या गुलाबी रंग के पत्थरों का उपयोग करें। ये ऊर्जा के संतुलन को सुधारते हैं और रिश्तों में प्रेम व सामंजस्य बढ़ाते हैं।
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3. वास्तु यंत्र का स्थापना
वास्तु दोष निवारण के लिए घर में वास्तु यंत्र स्थापित करना अत्यंत प्रभावी है। इसे पूजा स्थल में उत्तर-पूर्व दिशा में रखें। यह यंत्र घर की समस्त नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त कर सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह करता है। श्री यंत्र, वास्तु दोष निवारण यंत्र, या ग्रह शांति यंत्र इनमें से किसी एक का उपयोग कर सकते हैं।
4. बांसुरी का उपयोग
घर में बांसुरी रखना एक प्राचीन और प्रभावी उपाय है। बांसुरी को मुख्य द्वार के ऊपर या किसी ऐसी दीवार पर लटकाएं, जहां वास्तु दोष हो। बांसुरी को उत्तर-पूर्व या उत्तर दिशा में रखना विशेष शुभ माना गया है। यह उपाय घर में सुख-समृद्धि और शांति लाता है।
5. गंगाजल और कपूर का प्रयोग
सप्ताह में कम से कम एक बार गंगाजल का छिड़काव पूरे घर में करें। यह घर की नकारात्मकता को दूर करता है। साथ ही, रोजाना शाम को कपूर जलाकर उसकी धूप घर के कोनों में फैलाएं। कपूर और गंगा जल का यह मिश्रण शुद्धिकरण का कार्य करता है।
6.मोर पंख का प्रयोग
मोर पंख को उत्तर-पूर्व दिशा में रखें। यह दोषों को दूर करता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। विशेष रूप से घर में बच्चों के अध्ययन कक्ष में मोर पंख रखना उनकी एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाता है।
7. वास्तु दीपक जलाएं
घर के ऐसे कोनों में, जहां अंधकार या वास्तु दोष हो, नियमित रूप से दीपक जलाएं। उत्तर-पूर्व दिशा में तांबे या मिट्टी के दीपक में घी भरकर दीपक जलाना सबसे शुभ माना जाता है। यह घर के वातावरण को शुद्ध करता है और नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करता है।