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Shani Asta 2025: शनि होंगे अस्त, जानिए मेष राशि के जातकों पर कैसा पड़ेगा प्रभाव

Sun, 16 Feb 2025 04:58 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Sun, 16 Feb 2025 04:58 PM IST
सार

शनिदेव 23 फरवरी को कुंभ राशि में अस्त हो जाएंगे। शनि इस अवस्था में 6 अप्रैल तक रहेंगे फिर इसके बाद उदय हो जाएंगे।

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saturn combustion in kumbh rashi know shani dev what impact On aries zodiac sign
- फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि जल्द ही अस्त होने वाले हैं। शनि कुंभ राशि में रहते हुए अस्त होंगे। वैदिक ज्योतिष के अनुसार शनि न्यायाधिपति और कर्मफलदाता का दर्जा मिला हुआ है। शनि सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं यह किसी एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं। शनि राशि परिवर्तन करने के अलावा समय-समय पर अस्त और उदय होते रहते हैं। आपको बता दें शनि अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में विराजमान है। शनिदेव 23 फरवरी को कुंभ राशि में अस्त हो जाएंगे। शनि इस अवस्था में 6 अप्रैल तक रहेंगे फिर इसके बाद उदय हो जाएंगे। शनि के अस्त होने पर सभी राशियों के ऊपर इसका प्रभाव देखने को मिलेगा। 
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ज्योतिष में शनि ग्रह का महत्व 
वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि को एक प्रमुख ग्रह माना गया है। शनि सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं। यह एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं। शनि करियर, मान-सम्मान, संर्घष और ईमानदारी के कारक ग्रह हैं। शनि को दो राशियों का स्वामित्व प्राप्त है। मकर और कुंभ राशि के स्वामी ग्रह हैं और तुला राशि में उच्च के होते हैं। शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का विशेष प्रभाव हर एक जातकों के जीवन पर पड़ता है। शनि जातक को कड़ी मेहनत करवाते हैं उसके बाद ही जीवन में सफलता और उच्च पद हासिल करवाते हैं। 
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ग्रहों का अस्त होना 
वैदिक ज्योतिष में ग्रहों का अस्त और उदय होना बहुत ही खास महत्वपूर्ण होता है। ग्रहों का अस्त होना एक ऐसी अवस्था है जिसमें जब भी कोई ग्रह सूर्य के नजदीक पहुंच जाता है तो सूर्य के तेज के आगे ग्रह की अपनी स्वयं की ऊर्जा कमजोर हो जाती है। ग्रह के अस्त होने पर यह अपना फल पूरी तरह से नहीं दे पाता है। 

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मेष राशि पर शनि के अस्त होने का प्रभाव
मेष राशि के जातकों के लिए शनि आपके ग्यारहवें भाव में अस्त होंगे। कुंडली का ग्यारहवां भाव आय और इच्छापूर्ति का होता है  ऐसे में आपको सफलता प्राप्त करने में कठिनाईयों का सामना करना पड़ सकता है। मेष राशि के जातकों के लिए शनि दसवें और ग्यारहवें भाव के स्वामी होते हैं। ऐसे में शनि के अस्त होने पर आपके जीवन में काफी महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेगा। 

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