नवग्रहों के राजा सूर्य अपने
मित्र राशि मेष से निकलकर मंगलवार के दिन शुक्र की राशि वृष में पहुंच चुके हैं। इस
राशि में सूर्य 14 जून तक रहेंगे।
सूर्य का राशि परिवर्तन संक्रांति कहलाता
है। मंगलवार के दिन मृगशिरा नक्षत्र में राशि परिवर्तन होने के कारण यह महोदरी नाम
की संक्रांति है। इसका प्रभाव यह है कि इस एक महीने में अधिक सतर्क और सजग रहना
होगा क्योंकि इस दौरान चोरों एवं ठगी करने वाले लोग अधिक सक्रिय
रहेंगे।
सूर्य के वृष राशि में पहुंचने से यहां चार ग्रहों गुरू, शुक्र, बुध
और सूर्य का योग बन रहा है। शनि और राहु और एक दूसरे से छठे और आठवें स्थान पर
होंगे। ग्रहों की इस स्थिति के कारण राजनीति में काफी उठापटक देखने को मिल सकता है।
जातिगत राजनीति को बढ़ावा मिलेगा। सरकारी की नीतियों एवं प्रशासनिक
व्यवस्था में लपरवाही की वजह से जनता और सरकार एक दूसरे के आमने-सामने होंगे। सरकार
के विरोध में जनता रैली और आंदोलन कर सकती है।
23 मई को मंगल के भी वृष राशि
में आने पर मानवीय भूल के कारण कई दुर्घटनाएं हो सकती हैं। प्राकृतिक आपदाओं का भी
सामना करना पड़ सकता है। मौसम में अचानक बदलाव एवं बाढ़ के कारण भी देश-दुनिया में
लोग प्रभावित होंगे। बाजार की दृष्टि से तिल, तेल, गुड़, वनस्पति एवं किराना
सामग्री के दामों में तेजी आएगी।
सूर्य का राशि परिवर्तन एवं ग्रहों की
स्थिति बताती है कि वृष, कर्क, कन्या, तुला, मकर एवं कुंभ राशि वालों के लिए शुभ
रहेगा।