पिछले कुछ दिनों से अर्थ व्यवस्था में नजर आ रही अनुकूलता अचानक मंदी में बदल सकती है। छोटे निवेशकों को संभलकर निवेश करना चाहिए अन्यथा नुकसान उठाना पड़ सकता है। यह कहना है ज्योतिषशास्त्री पण्डित केवल आनंद जोशी का। आने वाली 23 फरवरी को व्यापार और अर्थव्यवस्था का कारक ग्रह बुध कुंभ राशि में वक्री हो रहा है।
इस ग्रह के वक्री होकर 26 तारीख को अस्त होने से शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। यह स्थिति 11 मार्च तक रहेगी। विकास दर में कमी आएगी और बाजार में निराशा का माहौल बन सकता है। बैंकिंग क्षेत्र में कुछ विपरीत समाचार प्राप्त हो सकते हैं। जिसका प्रभाव भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। शेयर बाजार के साथ ही इस अवधि में रूई, सोना, चांदी में मंदी आ सकती है।
व्यापारियों को कारोबार में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी इस दौरान परेशानी उठानी पड़ सकती है। देश में कालाबजारी एवं गलत तरीके से जमा किये गये धन का कोई बड़ा मामला उजागर हो सकता है।
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