गणेश चतुर्थी के अवसर पर असी गंगा और केलशू घाटी के दस गांवों के ग्रामीणों ने गणेश उत्सव का शुभारंभ किया। केलशू घाटी के ग्रामीणों ने कंडार देवता मंदिर से भगवान गणेश की शोभायात्रा निकाली। शोभायात्रा विश्वनाथ मंदिर से मुख्य बाजार, बस अड्डे, भटवाड़ी रोड सहित नगर के विभिन्न क्षेत्रों से होकर गुजरी। स्थानीय ढोल-दमाऊं और रणसिंगे की थाप से पूरा नगर गूंज उठा। सोमवार को अगोड़ा, ढासड़ा, दंदालका, भंकोली, गजोली, नौगांव, सेकू और नाल्ड सहित आसपास के गांवों से पहुंचे ग्रामीणों ने पारंपरिक लोकनृत्य रासो-तांदी की प्रस्तुति दी। शोभायात्रा में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं और लोगों ने भी भाग लिया। डोडीताल स्थित मां अन्नपूर्णा मंदिर के पुरोहित डॉ. राधेश्याम खंडूड़ी ने बताया कि शोभायात्रा के बाद दस दिनों तक डोडीताल के बेस कैंप अगोड़ा गांव में भगवान गणेश की मूर्ति की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। महोत्सव के अंतिम तीन दिनों में जिले के विभिन्न गांवों से देवडोलियों का समागम होगा। इस दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। डॉ. खंडूड़ी ने बताया कि पुराणों में डोडीताल को मां पार्वती और भगवान शिव का निवास स्थल बताया गया है। इसी धार्मिक मान्यता के चलते गणेश महोत्सव का आयोजन यहां विशेष आस्था और परंपरा के साथ किया जाता है।