दर्शकाें से खचाखच भरे नेहरू स्टेडियम में पुतला दहन का विहंगम दृश्य देखने को मिला। शाम 6:30 बजे एक-एक कर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले आतिशबाजी के साथ धू-धूकर जल उठे। बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और बाहर लगे विशाल मेले में खाने पीने और बच्चों के खिलौने आदि का लुत्फ उठाया।