सुल्तानपुर बस डिपो में तैनात चालकों ने डीजल रिकवरी के नाम पर वेतन से की जा रही कटौती को लेकर रोडवेज प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। चालकों का कहना है कि शहर में जाम और बीएस-6 बसों में ऑटो रीजनरेशन की वजह से डीजल की खपत बढ़ती है लेकिन इसकी भरपाई उनसे रिकवरी के रूप में कराई जा रही है। चालक लक्ष्मी नारायण दुबे और ओम प्रकाश दुबे के मुताबिक, बीएस-6 बसों में ऑटो रीजनरेशन के दौरान करीब छह से सात लीटर तक अतिरिक्त डीजल खर्च हो जाता है। वहीं, शहर व आसपास के इलाकों में जाम के कारण भी बसों का माइलेज प्रभावित होता है। इसके बावजूद निर्धारित डीजल औसत पूरा न होने पर चालकों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। चालकों का आरोप है कि डीजल खपत कम होने पर पहले फोरमैन चार्जशीट तैयार करते हैं। इसके बाद इसे एआरएम के पास भेजा जाता है और वेतन से डीजल रिकवरी के नाम पर रकम काट ली जाती है। चालकों का कहना है कि कटौती की गणना और कारण की स्पष्ट जानकारी भी नहीं दी जाती।