दिवाली रविवार को पूरे देश में एक साथ मनाई जाएगी। इस दिन प्रदोष एवं रात्रि व्यापिनी कार्तिक कृष्ण अमावस्या में घरों, मंदिरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में दीपोत्सव होगा। लोग मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और धन के अधिष्ठाता कुबेर देव का विधि-विधान से पूजन करेंगे। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, दीपावली पर लक्ष्मी पूजन के लिए तीन विशेष स्थिर लग्न बन रहे हैं। शाहजहांपुर के श्री रुद्र बालाजी धाम के पुजारी पंडित कान्हा कृष्ण शुक्ल ने बताया कि व्यापारिक प्रतिष्ठानों, दुकानों, कार्यालयों और फैक्टरियों में लक्ष्मी-गणेश पूजन के लिए स्थिर कुंभ लग्न दोपहर एक से 2:31 बजे तक रहेगा। वहीं, गृहस्थों के लिए प्रदोष काल का स्थिर वृषभ लग्न सबसे उत्तम माना गया है। इसमें शाम 5:37 से 7:34 बजे तक लक्ष्मी पूजन किया जा सकेगा। यह गृहस्थों के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुहूर्त है। विशेष साधना, तंत्र-मंत्र और मंत्र सिद्धि करने वाले साधकों के लिए स्थिर सिंह लग्न का मुहूर्त रात 12:05 से 2:19 बजे तक रहेगा।