सहारनपुर कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद में शनिवार अलसुबह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई। कार्रवाई से पहले कलक्ट्रेट परिसर के पांचों गेट सील कर दिए गए और किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया गया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए आरएएफ समेत भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। 2 सितंबर को जिला जज की अदालत का आदेश आने के बाद प्रशासन ने मस्जिद को हटाने की कार्रवाई शुरू की। जेसीबी, डंपर और अन्य मशीनरी रात में ही कलक्ट्रेट परिसर में पहुंचा दी गई थी। इसके बाद शनिवार सुबह धीरे-धीरे मस्जिद के ढांचे को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। 24 मार्च 2025 को दाखिल हुई थी याचिका मस्जिद को लेकर बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी की शिकायत के बाद 24 मार्च 2025 को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में सार्वजनिक परिसर अधिनियम (पीपी एक्ट) के तहत याचिका दाखिल की गई थी। 16 जुलाई 2026 को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने मस्जिद को अवैध करार देते हुए 6.41 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इस आदेश के खिलाफ मस्जिद पक्ष की ओर से 20 जुलाई 2026 को जिला जज की अदालत में याचिका दाखिल की गई। मामले में 17 तारीखों पर सुनवाई के बाद जिला जज की अदालत ने 2 सितंबर को सिटी मजिस्ट्रेट के फैसले को बरकरार रखते हुए मस्जिद पक्ष की याचिका खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने मस्जिद हटाने की कार्रवाई शुरू की। रातभर पुलिस ने रखी नजर मस्जिद हटाने से पहले पुलिस प्रशासन और लोकल इंटेलिजेंस यूनिट ने जिले के माहौल की जानकारी जुटाई और खुफिया इनपुट लिए। शुक्रवार देर शाम कलक्ट्रेट परिसर के आसपास पुलिस की आवाजाही बढ़ गई और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। कलक्ट्रेट के पांचों गेट सील करने के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था के लिए अन्य जिलों से भी पुलिस बल बुलाया गया। शनिवार सुबह जेसीबी के जरिए मस्जिद के ढांचे को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर नजर बनाए रखी।