मेरठ में सेंट्रल मार्केट के बाद अब उल्देपुर क्षेत्र की 100 से अधिक कॉलोनियां कार्रवाई के दायरे में हैं। सुप्रीम कोर्ट में मेरठ विकास प्राधिकरण की ओर से दाखिल सर्वे रिपोर्ट में इन कॉलोनियों को अवैध बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार कॉलोनियों के विकास के लिए नक्शा पास नहीं कराया गया था। हालांकि, इन कॉलोनियों में कई लोगों ने मकान और प्लॉट खरीदे हैं। मामले में यह सवाल भी उठ रहा है कि कॉलोनियों के विकसित होने के दौरान एमडीए की निगरानी व्यवस्था कहां थी और वहां बिजली कनेक्शन कैसे पहुंचे।