मथुरा के बलदेव नगर से खडैरा घाट यमुना तट तक जाने वाले मुख्य मार्ग की बदहाली बद से बदतर होने से ग्रामीणों में भारी रोष है। खडैरा गांव में करीब 400 मीटर सड़क लंबे समय से जलभराव, कीचड़ व गंदगी से जूझ रही है। गुरुवार को अग्रवाल समाज समिति के पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल की शवयात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। लोगों को घुटनों तक भरे गंदे पानी और कीचड़ के बीच अर्थी लेकर गुजरना पड़ा। दो बार अर्थी गिरने से बाल बाल बची। अर्थी लेकर जाने वाले लोगों का निकलना मुश्किल हो गया। वाहनों से जाने वाले लोगों की रफ्तार थम गई। काफी देर तक सभी लोग रुक गए, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को कोसते हुए नजर आए। पूर्व चेयरमैन रामकृष्ण वर्मा, संजीव गोयल, हरिओम अग्रवाल ने कहा खडैरा घाट बलदेव क्षेत्र के दर्जनों गांवों का प्रमुख श्मशान स्थल है, वहां पहुंचने का यही मुख्य मार्ग है। सड़क नीचे होने तथा नालियों की सफाई नहीं होने से सड़कों पर जलभराव रहता है। कीचड़ व गड्ढों से पैदल निकलना भी मुश्किल है। कई लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं। सोनू अग्रवाल, राजू सोनी, बल्लू पांडेय ने कहा कि वर्षों से समस्या बनी हुई है। स्थायी समाधान आज तक नहीं हुआ। अंतिम यात्रा में भी लोगों को गंदे पानी से गुजरना पड़ा, जो बेहद शर्मनाक है। विधायक, सांसद, चेयरमैन, ब्लाक कार्यालय, एसडीएम, जिलाधिकारी से समाधान की मांग की। मनोज पांडेय, दिनेश अग्रवाल, पवन गोयल ने कहा कि वर्षों से हालात बद से बदतर हैं, कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जलभराव व कीचड़, गंदगी, दुर्गंध से निकलना मुश्किल हो गया है। जिलाधिकारी से 400 मीटर सड़क ऊंची कराने, मरम्मत, नालों की सफाई और स्थायी जल निकासी व्यवस्था कराने की मांग की।