मैनपुरी के बेवर कस्बा स्थित बड़े मंदिर में 11 दिवसीय गणेश महोत्सव का भव्य शुभारंभ धार्मिक उल्लास के साथ किया गया। इस पावन अवसर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा पुराण के प्रथम दिवस की शुरुआत से पूर्व एक कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा बड़े मंदिर परिसर से वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुई। सिर पर मंगल कलश धारण किए महिलाएं और श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते हुए चल रहे थे। यह यात्रा कस्बे के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जहां जगह-जगह स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। पूरे नगर का वातावरण 'गणपति बप्पा मोरया' और 'जय श्री कृष्णा' के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। कलश यात्रा के दोबारा मंदिर प्रांगण पहुंचने पर प्रथम दिवस की कथा का विधिवत शुभारंभ हुआ। कथा व्यास कन्हैया जी महाराज ने व्यासपीठ से श्रद्धालुओं को अमृतमयी कथा का श्रवण कराया। उन्होंने भागवत कथा के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य के जीवन को सही दिशा देती है और इसके श्रवण मात्र से समस्त कष्टों व संशयों का निवारण होता है। उन्होंने भक्तों से कथा को केवल सुनने ही नहीं, बल्कि उसके आदर्शों को अपने आचरण में उतारने का आह्वान किया। इस धार्मिक अनुष्ठान में गणेश महोत्सव की कमेटी के पदाधिकारियों के अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।