लखीमपुर खीरी के मेला मैदान में चल रही 162वीं श्रीरामलीला में दूसरे दिन सोमवार को भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव और बाल लीलाओं का मंचन किया गया। सेठ गया प्रसाद ट्रस्ट की ओर से आयोजित रामलीला में कलाकारों ने भावपूर्ण अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गायक मंडली ने ‘भए प्रकट कृपाला दीनदयाला, कौसल्या हितकारी’ चौपाई का गायन कर वातावरण भक्तिमय कर दिया। इससे पहले रामलीला के पात्रों की पालकी यात्रा निकाली गई। शहर के प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं और व्यापारियों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। रामलीला में नारद मोह का प्रसंग के दौरान मंच पर नारद के मोह और उसके बाद उत्पन्न परिस्थितियों का भावपूर्ण चित्रण किया जा रहा है। प्रसंग के दौरान नारद भगवान श्रीराम को श्राप देते हैं कि जिस तरह उन्हें पत्नी वियोग का दुख सहना पड़ रहा है, उसी तरह श्रीराम को भी पत्नी वियोग झेलना पड़ेगा। इस संवाद के मंचन ने दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी। कलाकारों के अभिनय और संवादों ने रामकथा के प्रसंग को जीवंत कर दिया।