गंगा का जलस्तर मंगलवार को भी तेजी से बढ़कर खतरे के निशान 113 मीटर के निकट पहुंच गया है। ऐसे में नगर के पश्चिमी और उत्तरी क्षेत्र के सरैया गांव क्षेत्र में भी नदी का पानी पहुंच गया है। जिससे भीषण जलभराव हो गया है। लोग नाव से आवागमन कर रहे है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन भी पूरी तरह से अलर्ट है। प्रशासन की ओर से कुल 22 नावें लगाई गई है। वहीं पानी से घिरे मकानों में रहने वाले लोग चोरी के डर से घर छोड़ने को तैयार नहीं है और जान जोखिम में डाल रहे है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार मंगलवार शाम छह बजे गंगा नदी का जलस्तर 112.900 मीटर पर पहुंच गया है। जो खतरे के निशान 113 मीटर से सिर्फ 10 सेंटीमीटर दूर रह गया है। आयोग की मानी जाए तो बुधवार को भी जलस्तर में बढ़ोत्तरी होगी और खतरे के निशान को गंगा पार कर सकती है। नदी में पानी बढ़ने के कारण नगरीय क्षेत्र के बालू घाट, आनंद घाट, नमामि गंगे घाट, शिव बाबा घाट व जाजमऊ के चंदन घाट में भीषण जलभराव हो गया है ऐसे में गंगा स्नान करने वालों को पुलिस की ओर सतर्क किया जा रहा है। लेखपाल प्रशांत अवस्थी ने बताया कि पश्चिमी गंगाघाट में कुल 18 नावें लगाई गई है, वहीं सरैया लेखपाल वाई.पी. दीक्षित ने बताया कि उनके यहां एक नाव लगाई गई है, मझरा पीपरखेड़ा लेखपाल पंकज कुमार ने बताया कि उनके तीन नाव आवागमन के लिए लगी है। वहीं मोहल्ला गोताखोर, कर्बला, हुसैन नगर, शाही नगर, चंपापुरवा, मनसुखखेड़ा, तेजीपुरवा, गगनीखेड़ा, फत्तेखेड़ा, हरिहरपुर, सरैया, रविदास नगर, मालवीय नगर, श्रीनगर, मनोहर नगर के तलहटी क्षेत्रों में पानी घुस चुका है। जिससे करीब तीन हजार से अधिक की आबादी प्रभावित है। लोग नावों से आवागमन कर अपने जरूरी कामकाज निपटा रहे है। पानी से घिरे घरों में रहने वाले गुलफाम, अली हुसैन, सद्दाम, सलमा ने बताया कि यदि घर छोड़ा तो चोरी हो जाएगी ऐसे में मजबूरन उन्हें छत पर गुजर बसर करना पड़ रहा है।