स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में बुधवार को 100 से अधिक मेडिकल छात्र-छात्राओं ने हंगामा किया। अपना सामान लेकर मुख्य गेट पर धरने पर बैठे छात्रों ने प्राचार्य डॉ. अम्बरीश कुमार गुप्ता के खिलाफ नारेबाजी की और वाहनों को रोक दिया। सुबह 10 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन शाम चार बजे के बाद भी जारी है। छात्रों का आरोप है कि प्राचार्य ने सुबह 10 बजे उन्हें बैठक के लिए बुलाया था। वहां पहुंचने पर उनके साथ मारपीट की गई। विरोध करने पर गार्डों से पिटवाने और पुलिस बुलाकर गिरफ्तार कराने की धमकी दी गई। इससे नाराज छात्र अपना सामान लेकर मुख्य गेट पर पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। उन्हें आशंका थी कि प्राचार्य गाड़ी से बाहर निकल सकते हैं। कॉलेज प्रशासन ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। कॉलेज प्रशासन के मुताबिक, मामला जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग से जुड़ा है। रैगिंग किए जाने पर संबंधित छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें 10 दिन के लिए निलंबित कर घर जाने को कहा गया था। इसी के विरोध में छात्र धरने पर बैठ गए। प्राचार्य डॉ. अम्बरीश कुमार गुप्ता ने बताया कि सत्र 2026 में प्रवेश लेने वाले बैच के छात्रों की रैगिंग किए जाने पर छात्र के अभिभावकों की ओर से शिकायत की गई थी। रात में भी टीम को भेजकर जांच करवाई गई, मामला सही निकलने पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि वह छात्रों के पिता समान हैं। गलती करने पर सजा देकर समझाना भी अभिभावक का कर्तव्य है। नाराज छात्रों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। भविष्य में रैगिंग की घटनाएं रोकने के लिए छात्रों के अभिभावकों के साथ ऑनलाइन बैठक भी की जाएगी।