जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सा विभाग द्वारा "विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2026" के अवसर पर विभिन्न जागरूकता एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस वर्ष की मुख्य थीम अनुभवों को सुनें- वास्तविक आवाजें, वास्तविक बदलाव रखी गई थी। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति समाज में संवेदनशीलता, समावेशिता और सहयोग की भावना को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य एवं डीन डॉ. संजय काला ने अपने संबोधन में कहा कि मानसिक स्वास्थ्य हमारे समग्र स्वास्थ्य का एक अनिवार्य हिस्सा है, जिसे शारीरिक स्वास्थ्य के समान ही प्राथमिकता मिलनी चाहिए। मनोचिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. धनंजय चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और उपचार योजनाओं में रोगियों के वास्तविक अनुभवों को शामिल करना बेहद जरूरी है, जिससे उपचार को अधिक प्रभावी और रोगी-केंद्रित बनाया जा सके। प्रो. एम. अलीम सिद्दीकी ने मानसिक विकारों से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया, जबकि डॉ. शाजिया वकार सिद्दीकी ने दैनिक जीवन में तनाव के प्रभावी प्रबंधन के लिए व्यावहारिक और वैज्ञानिक तकनीकों पर चर्चा की।