अमेठी में आठ सूत्रीय मांगों के समर्थन में आंदोलनरत लेखपालों ने शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार किया। जिले की चारों तहसीलों में लेखपालों ने धरना-प्रदर्शन कर शासन और राजस्व परिषद के खिलाफ नाराजगी जताई। गौरीगंज तहसील में जिलाध्यक्ष राकेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ, जबकि अमेठी, मुसाफिरखाना और तिलोई में तहसील अध्यक्षों ने आंदोलन की कमान संभाली। लेखपाल 22 सितंबर से अतिरिक्त हल्कों के कार्य का बहिष्कार कर रहे हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से लंबित आठ सूत्रीय मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने तक अतिरिक्त क्षेत्र का काम स्वीकार नहीं किया जाएगा। बुधवार को संघ ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर आंदोलन की जानकारी भी दी थी। जिलाध्यक्ष राकेश कुमार गुप्ता और जिलामंत्री जनार्दन मिश्रा ने बताया कि संवर्ग 10 वर्षों से 2800 ग्रेड पे के प्रारंभिक वेतनमान और वेतन विसंगति दूर किए जाने की मांग कर रहा है। अंतरमंडलीय स्थानांतरण कई वर्षों से नहीं हुए हैं, जबकि भत्ता बढ़ोतरी का मामला 16 वर्षों से लंबित है। दो वर्ष से पदोन्नति सूची और एक वर्ष से परीक्षा परिणाम जारी नहीं हुआ है। परिषदादेश के बावजूद पटल सहायक व पटल प्रभारी राजस्व निरीक्षक का कार्य लेखपालों से लिए जाने पर भी संघ ने आपत्ति जताई। तकनीकी पद घोषित करने तथा ग्राम सचिवालयों में आधारभूत सुविधाएं, सुरक्षा और भत्ता उपलब्ध कराए बिना रोस्टर लगाने का विरोध किया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि लेखपाल आपदा समेत जनहित के कार्यों में लगातार जुटे रहते हैं। प्रदेश महामंत्री के 29 सितंबर के पत्र के क्रम में आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।