लखनऊ में स्वाइन फ्लू से पहली मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया। इसमें गंभीर लक्षण मिलने वाले मरीजों की ही स्वाइन फ्लू जांच के आदेश दिए गए। इलाज के लिए टैमीफ्लू की पांच हजार टैबलेट शासन से मांगी गई है। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि दिल्ली और लखनऊ में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ने पर तैयारी की जा चुकी हैं। एसएन और जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड बना हुआ है। शासन से आई गाइडलाइन के बारे में सीएचसी प्रभारियों के साथ ऑनलाइन बैठक कर बता दिया है। इसमें सांस उखड़ने, छाती में दर्द होने समेत अन्य गंभीर लक्षण होने पर ही जांच कराने को कहा है। इसकी सूचना भी देनी होगी। आईएमए को भी गाइडलाइन भेजी है, जिसमें पैथोलॉजी की जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने, अस्पताल में मरीज भर्ती होने की जानकारी देनी होगी। नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि स्वाइन फ्लू सामान्य वायरल फीवर है। अन्य बीमारी से ग्रसित, गंभीर लक्षण या फिर दिल्ली से यात्रा करके आए हैं तो ऐसी स्थिति में जांच करानी है। स्वाइन फ्लू का मरीज मिलने पर कंट्रोल रूम के 9458569043 और 0562-260412 (सुबह 10 से शाम पांच बजे तक) पर जानकारी दे सकते हैं। मौके पर रैपिड रिस्पांस टीम भी पहुंचेगी। आईएमए अध्यक्ष डॉ. पंकज नगायच ने बताया कि चिकित्सकों को गाइडलाइन से अवगत करा दिया है। मरीज के इलाज और पुष्टि होने पर विभाग को जानकारी भी दी जाएगी।