एयरपोर्ट पर अचानक बम की धमकी की सूचना मिलते ही अफरातफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। मौके पर बम निरोधक दस्ता पहुंचा, आसपास की जांच शुरू हुई और यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए गए। थोड़ी देर बाद पता चला कि यह सब वास्तविक घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था परखने के लिए की गई मॉक ड्रिल थी। आगरा सिविल एयरपोर्ट अथॉरिटी के निदेशक विवेक कुमार शर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार को मॉक ड्रिल के जरिये यह दिखाया गया कि बम की धमकी या किसी दूसरे खतरे की सूचना मिलने पर सुरक्षा एजेंसियां किस तरह काम करती हैं। सूचना मिलते ही संबंधित सुरक्षा दस्तों को सक्रिय किया गया। खतरे वाले स्थान की जांच, यात्रियों को सुरक्षित निकालने और आपस में तालमेल बनाने की प्रक्रिया को मौके पर परखा गया। अभ्यास में राज्य बम निरोधक एवं निस्तारण दस्ता, स्थानीय खुफिया इकाई, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और भारतीय वायुसेना की त्वरित कार्रवाई टीम शामिल रही। सभी ने अपनी जिम्मेदारी के अनुसार कार्रवाई की। मॉक ड्रिल का उद्देश्य ऐसी स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी जांचना और किसी कमी को समय रहते दूर करना था।