राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के दूरसंचार प्रशिक्षण केंद्र, कुसुम्पटी में ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत स्वच्छता शपथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रशिक्षण केंद्र के अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रशिक्षुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रशिक्षण केंद्र के कार्यवाहक कमान अधिकारी एवं सहायक कमांडेंट (संचार) एवं प्रचार अधिकारी रविन्द्र कुमार ने किया। इस अवसर पर उपस्थित सभी कार्मिकों ने स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की शपथ ली। उन्होंने अपने कार्यस्थल और आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखने के साथ-साथ स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रशिक्षुओं ने स्वच्छता को केवल व्यक्तिगत आदत तक सीमित न रखते हुए इसे सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने का संकल्प लिया। इस दौरान संदेश दिया गया कि स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। अपने आसपास स्वच्छता रखने के साथ समाज के अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करना जरूरी है। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र के विस्तार के महत्व को भी रेखांकित किया गया। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण करने और लगाए गए पौधों के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। इस पहल का उद्देश्य प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित पर्यावरण सुनिश्चित करने का संदेश देना रहा। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रशिक्षुओं ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल्यों को अपने आचरण में आत्मसात करने का संकल्प दोहराया। एसएसबी दूरसंचार प्रशिक्षण केंद्र, कुसुम्पटी का यह आयोजन बल के ध्येय वाक्य ‘सेवा, सुरक्षा, बंधुत्व’ के तहत स्वच्छता के प्रति सामूहिक चेतना विकसित करने और पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सार्थक पहल रहा। कार्यक्रम के माध्यम से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वच्छता संबंधी आदर्शों को दैनिक जीवन में अपनाने और स्वच्छ एवं हरित पर्यावरण के निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया गया।