भगवान श्रीराम के जयकारों के बीच बाड़मेर में रविवार रात 10 दिवसीय रामलीला मंचन का शुभारंभ हुआ। श्री रामलीला समिति बाड़मेर के तत्वावधान में शहर के हाई स्कूल मैदान में आयोजित रामलीला को देखने के लिए पहले दिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। रामलीला की शुरुआत शिव कथा से हुई। इस दौरान मैदान में भगवान श्रीराम के जयकारों की गूंज सुनाई दी और कलाकारों ने विभिन्न प्रसंगों का मंचन कर दर्शकों को भावविभोर किया।
शिव कथा से हुई रामलीला की शुरुआत
बाड़मेर के हाई स्कूल मैदान में रामलीला समिति की ओर से 10 दिवसीय रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। मंचन के पहले दिन कैलाश पर्वत का दृश्य, पार्वती द्वारा भगवान शिव से श्रीराम की कथा सुनाने का निवेदन, जंगल का दृश्य, नारद मुनि की तपस्या, विष्णु लोक और शीलनगरी सहित कई प्रसंगों का मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने अभिनय से इन दृश्यों को जीवंत करने का प्रयास किया। इस दौरान मौजूद दर्शकों ने भगवान श्रीराम के जयकारे लगाए।
कलाकारों ने निभाए विभिन्न पात्र
रामलीला के पहले दिन कलाकारों ने अलग-अलग पात्रों की भूमिका निभाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। हिमांशु शर्मा ने भगवान शिव, जय जोशी ने भगवान विष्णु, उज्ज्वल गोयल ने माता पार्वती, प्रभात ने गणेश, महेश परमार ने लक्ष्मी, सूर्यप्रताप सोढ़ा ने कामदेव और संजय शर्मा ने नारद मुनि की भूमिका निभाई। वहीं, अभिषेक दवे ने राजा शील निधि, चंद्रप्रकाश ने उर्वशी, शंकरलाल ने कार्तिकेय, समरप्रताप सिंह ने अग्निदेव और स्वरूप गुप्ता ने दूत की भूमिका निभाई। प्रीत करवा ने ब्रह्मा का अभिनय किया। सभी कलाकारों ने अपने अभिनय के जरिए रामलीला के प्रसंगों को मंच पर प्रस्तुत किया।
पर्दे के पीछे इन लोगों ने संभाली जिम्मेदारी
रामलीला को सफल बनाने में पर्दे के पीछे काम करने वाले सहयोगियों की भी अहम भूमिका रही। गौतम चंद सोनी और ओमप्रकाश सोनी ने कलाकारों के मेकअप की जिम्मेदारी संभाली, जबकि दीपक डाबी ने वस्त्र भंडार की व्यवस्था देखी। प्रेम आचार्य ने व्यास की भूमिका निभाई। वहीं, नरेंद्र सिंह आलोक और जितेंद्र गोयल ने पर्दे के पीछे रहकर आयोजन में सहयोग किया।
रोजाना रात 8:30 बजे से होगा मंचन
10 दिवसीय रामलीला के मीडिया प्रवक्ता रमेश कड़ेला ने बताया कि रविवार रात पहले दिन कैलाश पर्वत, पार्वती द्वारा भगवान शिव से श्रीराम की कथा सुनाने का निवेदन, जंगल, नारद मुनि की तपस्या, विष्णु लोक और शीलनगरी सहित विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया गया।
उन्होंने बताया कि रामलीला का मंचन प्रतिदिन रात 8:30 बजे से शुरू होगा। श्री रामलीला समिति ने शहरवासियों और आसपास के क्षेत्र के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर रामलीला देखने और धार्मिक प्रसंगों का लाभ लेने की अपील की है। यह आयोजन लगातार 10 दिनों तक चलेगा।