पंजाब के पूर्व मुख्य सचिव और वर्तमान एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (रेवेन्यू) अनुराग वर्मा बुधवार को मोहाली के सीएलयू (चेंज ऑफ लैंड यूज) से जुड़ी मंजूरियों के दस्तावेजों की फाइल लेकर जालंधर स्थित ईडी दफ्तर पहुंचे। वह सुबह करीब 11:07 बजे अपनी गाड़ी से उतरे और हाथ में दस्तावेजों की फाइल लेकर सीधे ईडी कार्यालय में दाखिल हो गए। माना जा रहा है कि ईडी अधिकारी उनसे संबंधित दस्तावेजों और मामले में उनकी भूमिका को लेकर पूछताछ करेंगे। यह मामला मोहाली की ‘सनटेक सिटी’ और ‘अल्टस स्पेस बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड’ के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। ईडी करीब 348 करोड़ रुपये के कथित घोटाले और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच कर रही है। अनुराग वर्मा को इससे पहले 31 अगस्त को पेश होने के लिए समन जारी किया गया था, लेकिन वह पेश नहीं हो सके थे। उन्होंने जांच एजेंसी से जरूरी सरकारी दस्तावेज और रिकॉर्ड जुटाने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था। इसके बाद ईडी ने नई तारीख तय की थी। 7 सितंबर को भी उनके पेश न होने के बाद अब उन्हें 9 सितंबर सुबह 10 बजे पेश होने के लिए बुलाया गया था। गौरतलब है कि कथित अनियमितताओं के समय अनुराग वर्मा हाउसिंग एवं अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के प्रमुख के तौर पर कार्यरत थे। वर्तमान में वह पंजाब के रेवेन्यू डिपार्टमेंट में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी के पद पर तैनात हैं। अब ईडी की पूछताछ में इस मामले से जुड़े दस्तावेजों और फैसलों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की उम्मीद है।