त्योहारों के सीजन और बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए फूड सेफ्टी विभाग ने जिले में मिलावटी एवं असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए विशेष जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान स्कूलों के बाहर खाद्य पदार्थ बेचने वाली रेहड़ियों से लेकर मिठाई की दुकानों तक औचक निरीक्षण किया गया। कार्रवाई के दौरान करीब 100 रंगीन कॉटन कैंडी जब्त कर नष्ट करवाई गईं, जबकि बस्ती टैंकां वाली इलाके में एक हलवाई की दुकान से करीब 40 किलो लाल रंग वाली असुरक्षित मिठाइयां नष्ट करवाई गईं। फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने स्कूलों के बाहर लगने वाली रेहड़ियों की जांच की। इस दौरान कॉटन कैंडी में इस्तेमाल किए जा रहे रंगों को देखते हुए करीब 100 पीस जब्त किए गए और मौके पर ही नष्ट करवा दिए गए। अधिकारियों ने विक्रेताओं को निर्देश दिए कि खाद्य पदार्थों में केवल निर्धारित मात्रा में मान्यता प्राप्त फूड कलर का ही इस्तेमाल किया जाए। बच्चों को आकर्षित करने के लिए उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके अलावा बस्ती टैंकां वाली इलाके में मिठाई की दुकानों की जांच के दौरान एक हलवाई की दुकान पर साफ-सफाई की गंभीर कमियां पाई गईं। इस पर विभाग ने दुकानदार का चालान किया और करीब 40 किलो लाल रंग वाली असुरक्षित मिठाइयों को नष्ट करवाया। वहीं, लक्ष्मी स्वीट शॉप की औचक जांच के दौरान मिठाइयां तैयार करने वाली जगह पर गंदगी और सफाई की कमियां सामने आईं। दुकान के फ्रीजर में करीब चार क्विंटल खोया रखा हुआ मिला। विभागीय टीम ने उसमें से करीब दो किलो खोए का सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया। अधिकारियों के मुताबिक, लैब रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसी कड़ी में फिरोजपुर कैंट स्थित प्रसिद्ध निवेदियम मिठाई की दुकान पर भी फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने निरीक्षण किया और वहां से खोए का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा। फूड सेफ्टी अधिकारी अभिनव कुमार ने दुकानदारों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने, दुकानों में साफ-सफाई रखने और खाद्य सामग्री के उचित भंडारण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान मिलावट और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए विभाग की जांच और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।