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एमपी: भाद्रपद अमावस्या पर चित्रकूट में गूंजे जयकारे, बाढ़ के बावजूद कामतानाथ के दरबार में पहुंचे श्रद्धालु

Fri, 11 Sep 2026 09:16 PM IST
सतना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना

सतना जिले के चित्रकूट में हाल ही में आई भीषण बाढ़ आपदा के बाद मुख्य पर्व भाद्रपद अमावस्या पर आस्था कम नहीं हुई। भक्तों की भीड़ भले ही सामान्य रही, लेकिन उत्साह कम नहीं रहा। श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी में स्नान कर पांच किलोमीटर की कामदगिरि परिक्रमा कर भगवान श्री कामतानाथ जी के दर्शन लाभ लिए। इस दौरान प्रशासन ने सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम कर रखे थे। भोर से शुरू हुआ दर्शन-पूजन, परिक्रमा मार्ग पर जयकारों की गूंज
भाद्रपद अमावस्या के पावन पर्व पर सुबह से ही प्रमुख धार्मिक स्थलों पर दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा, जहां श्रद्धालुओं ने भगवान कामतानाथ के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान कामदगिरि परिक्रमा मार्ग पर भक्तों द्वारा लगातार लगाए जा रहे जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। प्रशासनिक व सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए हर प्रमुख पॉइंट पर पुलिस बल के साथ-साथ भारी संख्या में कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई थी। 450 जवानों के चाक-चौबंद सुरक्षा घेरे में रही धर्मनगरी
चित्रकूट मेले की सुरक्षा के लिए जिला पुलिस, होमगार्ड, एसडीआरएफ और एसएएफ रीवा की 9वीं बटालियन के लगभग 450 अधिकारियों व जवानों की तैनाती की गई है। वहीं, उच्च अधिकारियों ने कमान संभाल रखी थी। सुरक्षा व्यवस्था की कमान एडिशनल एसपी देहात प्रेमलाल कुर्वे, चित्रकूट एसडीओपी राजेश बंजारे, नागौद एसडीओपी रघु केसरी, ट्रैफिक डीएसपी संजय खरे और हेडक्वार्टर डीएसपी मनोज दीक्षित के हाथों में है। सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मी और सीसीटीवी से हुई निगरानी
भीड़ के बीच चोरों और जेबकतरों पर नजर रखने के लिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। साथ ही, सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है, जिसमें तकरीबन 25 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।

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आम तौर पर अमावस्या में श्रद्धालु पहले मां मंदाकिनी नदी में स्नान करते हैं, फिर कामदगिरि की परिक्रमा करते हैं। लेकिन बाढ़ आपदा से सतर्क प्रशासन ने मध्य प्रदेश की तरफ श्रद्धालुओं के गहराई में जाने पर प्रतिबंध लगा रखा था। एहतियातन रस्सी लगाई गई थी। पंपलेट और लाउडस्पीकर के जरिये लोगों से अपील की जा रही थी।

भाद्रपद अमावस्या मेले के दौरान भारी वाहनों का प्रवेश रोका गया और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए वाहनों की पार्किंग मेला क्षेत्र से बाहर कराई गई। पुलिस और प्रशासन मेले की सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पूरी तरह से सतर्क और अलर्ट मोड पर है।

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