राजधानी लखनऊ के डॉ. आंबेडकर महासभा परिसर में सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें दलितों, वंचितों और अनुसूचित जातियों के अधिकारों पर विचार-विमर्श किया गया। सदस्य विधान परिषद लालजी निर्मल ने कहा कि दलित समाज के युवाओं को रोजगार और प्रगति की आवश्यकता है। यदि वे विवादों या मुकदमों में उलझेंगे, तो उनका और उनके परिवारों का भविष्य संकट में पड़ जाएगा। भारतीय संविधान आरक्षण और अधिकारों की सुरक्षा करता है। इसलिए समस्याओं का समाधान टकराव के बजाय बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और मान्यवर कांशीराम द्वारा दिखाए गए संवैधानिक मार्ग पर चलकर ही निकाला जा सकता है।