लखनऊ में रक्षाबंधन पर शुक्रवार को जिला जेल में सुबह 5:30 बजे से खुली मुलाकात शुरू हुई। सुबह से ही भारी संख्या में महिलाएं बंदी भाइयों को राखी बांधने जेल पहुंचने लगीं। बहनों को देखते ही कई बंदी भावुक हो गए और उनसे लिपटकर रो पड़े। बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी कलाई पर राखी बांधी और लंबी उम्र की कामना की। खुली मुलाक़ात के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं के जेल आने की संभावना को देखते हुए जेल प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। वरिष्ठ जेल अधीक्षक राजेंद्र कुमार जायसवाल ने बताया टोकन के आधार पर महिलाओं को जेल में प्रवेश दिया गया। डिप्टी जेलर कुंवर वीरेंद्र विक्रम सिंह व तारकेश्वर सिंह की देखरेख में टीम जेल के भीतर मुस्तैद रही। वहीं महिलाओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हुए डिप्टी जेलर आशुतोष मिश्रा और अजय कुलवंत महिला पुलिस कर्मियों के साथ मेन गेट के बाहर मौजूद रहे। जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी के मुताबिक मुलाकात के दौरान महिलाओं को राखी और मिठाई के अलावा कोई अन्य सामान अंदर ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। जेल परिसर में महिलाओं के लिए पीने के पानी की व्यवस्था की गई थी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सकों की टीम भी मौजूद रही। जेलर अभय शुक्ला व सुनीत दत्त मिश्रा भी लगातार निगरानी करते नजर आए।