अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने रूस और ईरान पर नए प्रतिबंधों से जुड़े विधेयक को 262-159 वोटों से मंजूरी दे दी है। विधेयक अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास है। इसके तहत रूस से बड़ी मात्रा में तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का अधिकार राष्ट्रपति को मिल सकता है। भारत और चीन पर इसका खास असर पड़ सकता है, क्योंकि दोनों रूस से बड़े पैमाने पर कच्चा तेल खरीदते हैं। भारत ने जुलाई में रिकॉर्ड स्तर पर रूसी क्रूड आयात किया था। अगर अमेरिका अतिरिक्त टैरिफ लागू करता है, तो भारतीय निर्यातकों पर दबाव बढ़ सकता है और अमेरिका में भारतीय उत्पाद महंगे हो सकते हैं। दूसरी ओर, रूस से सस्ता तेल कम खरीदने पर भारत के ऊर्जा आयात की लागत बढ़ने की संभावना है। भारत ने कहा है कि उसके ऊर्जा संबंधी फैसले राष्ट्रीय हित और ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिए जाएंगे।