उत्तर प्रदेश में कुछ दिनों की नरमी के बाद मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में बने कम दबाव के क्षेत्र के मजबूत होने के कारण प्रदेश में अगले करीब एक सप्ताह तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। हालांकि इस मौसम प्रणाली का सबसे ज्यादा असर दक्षिणी-पूर्वी उत्तर प्रदेश और विंध्य क्षेत्र में देखने को मिल सकता है। इन इलाकों में कई स्थानों पर तेज से अति भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है, जबकि मध्यांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश और बूंदाबांदी हो सकती है। मौसम विभाग ने चित्रकूट, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर और चंदौली में अति भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव, सड़क यातायात प्रभावित होने और स्थानीय स्तर पर नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।
इसके अलावा बांदा, कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, वाराणसी, रामपुर, बरेली और पीलीभीत समेत 13 अन्य जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के साथ कई इलाकों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। मौसम विभाग ने प्रदेश के करीब 58 जिलों में वज्रपात की आशंका जताई है, ऐसे में लोगों को बारिश और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है। गाजियाबाद, मेरठ, मुरादाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बाराबंकी, रायबरेली, फतेहपुर, चित्रकूट, कौशांबी, सोनभद्र, बांदा, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, बरेली, ज्योतिबा फुले नगर, कानपुर, हरदोई, पीलीभीत, जौनपुर, अंबेडकर नगर, शाहजहांपुर, बस्ती, आजमगढ़, अयोध्या, गाजीपुर, बलिया, संतकबीरनगर, देवरिया, गोंडा और हमीरपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश के साथ आंधी और तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है।
लगातार बारिश के कारण ग्रामीण और शहरी इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है, वहीं किसानों के लिए बारिश का असर फसलों पर भी पड़ सकता है। राजधानी लखनऊ में भी मौसम बादलों से घिरा रहने और बारिश की संभावना के बीच अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। कुल मिलाकर प्रदेश में मानसून की सक्रियता बढ़ने से अगले कुछ दिनों में बारिश का दायरा और तीव्रता बढ़ सकती है। प्रशासन और स्थानीय लोगों को अलर्ट वाले जिलों में मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।