दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन का असर रेल यातायात पर देखने को मिला। सुरक्षा व्यवस्था और संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने उत्तर मध्य रेलवे (NCR) जोन से गुजरने वाली 70 से अधिक ट्रेनों को निरस्त करने का निर्णय लिया। इस फैसले से दिल्ली जाने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। निरस्त की गई ट्रेनों में प्रयागराज एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस, शिवगंगा एक्सप्रेस और पटना राजधानी तथा सियालदह राजधानी जैसी प्रमुख ट्रेनें शामिल बताई गईं। अचानक ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुईं और रेलवे को टिकट रिफंड के रूप में बड़ी राशि लौटानी पड़ी।
प्रयागराज के यात्रियों के लिए यह फैसला विशेष रूप से परेशानी भरा रहा। प्रयागराज एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस और प्रयागराज-शकूरबस्ती स्पेशल ट्रेन को निरस्त किए जाने से उन यात्रियों को सबसे अधिक दिक्कत हुई, जिन्होंने पहले से टिकट बुक करा रखे थे। कई यात्री अपनी यात्रा की तैयारी कर चुके थे, जबकि कुछ स्टेशन पहुंचने की योजना बना रहे थे। ऐसे में अचानक ट्रेन रद्द होने की सूचना मिलने से उनकी आगे की योजनाएं बिगड़ गईं। यात्रियों को वैकल्पिक साधनों से यात्रा करने या अपनी यात्रा स्थगित करने पर विचार करना पड़ा। खासकर नौकरी, पढ़ाई, इलाज और जरूरी काम से दिल्ली जाने वाले लोगों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ी।
जानकारी के अनुसार, 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित बड़े विरोध प्रदर्शन को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती। सुबह चार बजे से दोपहर दो बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर पहुंचने वाली कई मेल, एक्सप्रेस, राजधानी, शताब्दी और ईएमयू/मेमू ट्रेनों को उनके शुरुआती स्टेशनों से ही रद्द किया गया। यात्रियों के मोबाइल फोन पर ट्रेन निरस्तीकरण के संदेश भी भेजे गए, हालांकि अचानक मिली सूचना के कारण कई लोगों को अपनी यात्रा की व्यवस्था बदलने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाया।
उधर, विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रयागराज कमिश्नरेट पुलिस भी अलर्ट हो गई। शहर के पत्थर गिरजाघर के पास स्थित धरनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। धरनास्थल से सुभाष चौराहे तक अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। इसके अलावा रेलवे स्टेशनों और रोडवेज बस अड्डों के आसपास निगरानी बढ़ाई गई, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। खबर के अनुसार, जुलाई में हुए एक प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ की घटनाओं के मद्देनजर पुलिस इस बार अतिरिक्त सतर्कता बरत रही थी।
कुल मिलाकर, दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन का असर रेल सेवाओं और यात्रियों की आवाजाही पर पड़ा। हालांकि, यात्रा करने से पहले यात्रियों को अपनी ट्रेन की स्थिति रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, पूछताछ सेवा या रेलवे के अधिकृत ऐप पर अवश्य जांचनी चाहिए। इससे उन्हें अनावश्यक रूप से स्टेशन पहुंचने और अंतिम समय में होने वाली परेशानियों से बचने में मदद मिल सकती है।