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सोलन में बैंकर्स की देशव्यापी हड़ताल, पांच दिवसीय बैंकिंग समेत इन मांगों पर प्रदर्शन

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) के आह्वान पर आज देशभर में बैंक हड़ताल की गई। सोलन में भी विभिन्न बैंकों के कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया। बैंकर्स पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था, प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन योजना में भेदभाव समाप्त करने और लंबे समय से लंबित मुद्दों के समाधान की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान बैंक यूनियनों के प्रतिनिधियों ने सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। मीडिया प्रभारी अजय ठाकुर ने बताया कि बैंकर्स की मुख्य मांगें तीन प्रमुख मुद्दों से जुड़ी हैं। पहली मांग पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना है। बैंकर्स लंबे समय से सप्ताह में दो दिन अवकाश और पांच दिन बैंक खोलने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे कर्मचारियों को बेहतर कार्य-जीवन संतुलन मिलेगा और बैंकिंग व्यवस्था आधुनिक बनेगी। बैंकर्स की दूसरी प्रमुख मांग प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) में भेदभाव समाप्त करना है। कर्मचारियों का कहना है कि पीएलआई में सभी के साथ समान और न्यायपूर्ण व्यवहार होना चाहिए। इस मुद्दे को लेकर भी प्रदर्शन के दौरान आवाज उठाई गई। अजय ठाकुर ने कहा, "बैंकर्स अपनी इच्छा से हड़ताल नहीं करते। जब जायज मांगों पर समाधान नहीं होता, तो आंदोलन मजबूरी बन जाता है।" अजय ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंकों ने देश के विकास और आम जनता तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसलिए राष्ट्रीयकृत बैंकों के निजीकरण की किसी भी कोशिश का बैंकर्स विरोध करेंगे। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन और तेज होगा। इसकी जिम्मेदारी सरकार और संबंधित अधिकारियों की होगी। बैंकर्स की तीसरी प्रमुख मांग लंबे समय से लंबित अन्य मुद्दों का समाधान है। इनमें पेंशन का पुनरीक्षण और आकस्मिक कर्मचारियों का स्थायी समायोजन शामिल है। बैंकर्स का कहना है कि इन मुद्दों पर भी सरकार को जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। प्रदर्शन में बैंक यूनियनों के कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इनमें राजेश शाक्य, दिलावर चौहान, आशीष वालिया और जितेंद्र शर्मा शामिल थे। अंशुल अत्री, कुलदीप, सुनील, इरशाद और दीप्ति भी मौजूद थे। बड़ी संख्या में अन्य बैंकर्स ने भी हड़ताल में भाग लिया। सोलन में बैंक कर्मचारियों के प्रदर्शन के दौरान पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था, पीएलआई में समानता, पेंशन पुनरीक्षण और राष्ट्रीयकृत बैंकों के निजीकरण के विरोध जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए।

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