किसानों से गेहूं का बीज खरीदने में कृषि विभाग ने तेजी दिखाई, लेकिन मेहनत की कमाई लौटाने में व्यवस्था सुस्त पड़ गई। सिरमौर जिले में कृषि विभाग ने इस वर्ष 343 किसानों से करीब साढ़े 10 हजार क्विंटल गेहूं बीज खरीदा था। इनमें से 179 किसानों को भुगतान कर दिया गया है, जबकि 164 किसान अब भी अपनी पेमेंट का इंतजार कर रहे हैं। लंबित भुगतान की राशि करीब 1.64 करोड़ रुपये बताई जा रही है। महीनों से भुगतान नहीं मिलने के कारण किसान आर्थिक परेशानी से जूझ रहे हैं। किसानों का कहना है कि फसल विभाग को सौंपने के बाद उन्हें समय पर भुगतान मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब उन्हें बार-बार विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब विभाग ने किसानों से गेहूं का बीज खरीद लिया और 179 किसानों को भुगतान भी कर दिया, तो बाकी 164 किसानों की राशि अब तक क्यों अटकी हुई है। किसानों को हर बार बजट उपलब्ध होने का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन भुगतान की तारीख स्पष्ट नहीं की जा रही। किसान तरसेम सिंह सगी, दारा सिंह आदि ने बताया कि उन्होंने कड़ी मेहनत और कई बार कर्ज लेकर गेहूं की फसल तैयार की थी। कृषि विभाग को बीज सौंपे हुए लंबा समय बीत चुका है, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। अब अगली फसल की तैयारी का समय नजदीक आने के साथ उनकी परेशानी बढ़ गई है। किसानों के अनुसार खेती के लिए खाद, डीजल, मजदूरी और अन्य जरूरी सामान खरीदने में नकदी की आवश्यकता होती है। भुगतान अटका होने के कारण पूरा कृषि चक्र प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि फसल खरीदते समय विभागीय प्रक्रिया पूरी रहती है, लेकिन भुगतान की बारी आने पर बजट का हवाला देकर उन्हें इंतजार करवाया जा रहा है। किसानों ने मांग की है कि लंबित राशि जल्द जारी की जाए, ताकि वे आगामी फसल की तैयारी कर सकें। उनका कहना है कि समय पर भुगतान नहीं मिलने से उन्हें दोबारा कर्ज लेने या निजी स्तर पर महंगे ब्याज पर पैसा जुटाने की मजबूरी हो सकती है। कृषि विभाग सिरमौर के उपनिदेशक डॉ. साहब सिंह ने बताया कि जिले में 343 किसानों से गेहूं का बीज खरीदा गया था। इनमें 179 किसानों को भुगतान किया जा चुका है, जबकि 164 किसानों की पेमेंट अभी लंबित है। उन्होंने कहा कि बजट उपलब्ध करवाने के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा गया है। बजट मिलते ही लंबित किसानों को भुगतान कर दिया जाएगा।