रासायनिक खाद के वितरण की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। भारतीय कृषि मंत्रालय की नई नीति खाद बिक्री व्यवस्था के तहत अब किसानों को रासायनिक खाद लेने के लिए किसान पहचान पत्र और आधार कार्ड अनिवार्य रूप से उपलब्ध करवाना होगा। नई व्यवस्था के तहत किसान की कृषि योग्य भूमि के रकबे के आधार पर ही डिजिटल माध्यम से खाद का कोटा तय किया जाएगा। हिमफेड क्षेत्रीय कार्यालय के प्रभारी मदन सिंह ठाकुर ने सभी किसानों से आग्रह किया है कि खाद लेने से पहले वे अपना किसान पहचान पत्र और आधार संबंधी औपचारिकताएं पूरी कर लें। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसान पहचान पत्र और आधार के बिना खाद की ऑनलाइन बुकिंग और आपूर्ति की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकेगी। इससे किसानों को खाद लेने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।