कृष्ण जन्माष्टमी के बाद अमरपुर मोहल्ले के शिव मंदिर में पालने में विराजे कान्हाजी अचानक गायब हो गए। मंदिर में छठी कार्यक्रम की तैयारी के दौरान जब पंडित ने पालने को देखा तो उसमें कान्हाजी की मूर्ति नहीं थी। इसके बाद स्थानीय लोगों में चिंता और रोष फैल गया। मामले को लेकर वार्ड नंबर पांच अमरपुर के लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को उपायुक्त सिरमौर से मिला और ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में शामिल पार्षद सीमा अत्री ने बताया कि कृष्ण जन्माष्टमी पर्व को लेकर अमरपुर मोहल्ले के शिव मंदिर में पालना सजाया गया था। इसमें कान्हाजी की मूर्ति रखी गई थी। उन्होंने बताया कि अब छठी का कार्यक्रम किया जाना था। इसी दौरान पंडित ने लोगों को सूचना दी कि पालने में रखे कान्हाजी वहां मौजूद नहीं हैं। इसके बाद लोगों ने अपने स्तर पर भी जानकारी जुटाने का प्रयास किया। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि संभव है कोई नशेड़ी मंदिर से कान्हाजी को उठाकर ले गया हो। लोगों ने प्रशासन से मामले की जांच करवाने और मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। साथ ही मंदिर में सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग भी रखी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। पार्षद सीमा अत्री ने अपील की कि यदि कोई व्यक्ति गलती से कान्हाजी को उठाकर ले गया है तो वह उन्हें चुपचाप वापस मंदिर में रख दे। उन्होंने कहा कि इससे धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामले को बिना किसी विवाद के सुलझाया जा सकता है। अब स्थानीय लोग कान्हाजी की मूर्ति के वापस मिलने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, प्रशासन से मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी ठोस कदम उठाने की मांग की गई है।